डॉ. एसटी हसन बोले- टिकट कटवाकर आजम ने बराबर कर लिया हिसाब

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मुरादाबाद: अखिलेश यादव या तो मुझे टिकट नहीं देते और जब टिकट दे दिया था तो वापस नहीं लेते। इसमें मेरा अपमान हुआ है।’ मेरे लिए पार्टी बड़ी है, पार्टी से मेरी कोई नाराजगी नहीं है, पार्टी को नुकसान होता है तो नाराजगी होती है। ये बातें समाजवादी पार्टी के संसदीय दल के नेता और मुरादाबाद लोकसभा सीट से सपा के सिंबल पर नामांकन दाखिल करने वाले डॉ. एसटी हसन ने सपा से टिकट कटने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहीं।

दबाव में आकर काटा गया टिकट

समाजवादी पार्टी के सिंबल पर मुरादाबाद लोकसभा से मौजूदा सांसद और सपा संसदीय दल के नेता डॉ. एसटी हसन ने मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल किया था। बुधवार को बिजनौर की पूर्व विधायक रुचि वीरा ने सपा के सिंबल पर मुरादाबाद लोकसभा से अपना नामांकन दाखिल किया। इसके बाद रुचि वीरा को मुरादाबाद लोकसभा से समाजवादी पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया गया।

गुरुवार को डॉ. एसटी हसन ने कहा कि सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने मुझे टिकट दिया था और नामांकन दाखिल करने के लिए कहा था और मुझे यहां अधिकृत किया था। उनके आदेशानुसार मैंने अपना नामांकन दाखिल कर दिया था लेकिन कुछ दबाव में अखिलेश यादव ने मेरा टिकट रद्द कर दिया और रुचि वीरा को टिकट दे दिया।

सपा सांसद ने कहा कि पूरी दुनिया में लोग अखिलेश यादव के मूल्यों को जानते हैं। जिन लोगों की गोद में उन्होंने अपना बचपन बिताया, जिनकी गोद में खेलकर वे बड़े हुए, उनका आदर करना वे कभी नहीं छोड़ते, भले ही उन्हें नुकसान ही क्यों न उठाना पड़े।

हमेश रहेंगे सपा के साथ

सपा सांसद एसटी हसन ने कहा कि आजम खान साहब ने साल 2019 में मुझे टिकट दिया था, मैं उनका आभारी हूं और अब उन्होंने मेरा टिकट कटवा दिया है और हिसाब बराबर कर लिया है। अखिलेश यादव ने 2 दिन पहले मुझसे कहा था कि आप चुनाव लड़ेंगे, इसके लिए उन्हें प्रयास भी करना चाहिए। मैंने जो भी प्रयास किये, वो मुझे समय पर नहीं मिले। जब मुझे यह मिला, तो पहले ही 3:02 बज चुके थे। लखनऊ से आने वाले नेता को बाहरी नेताओं ने हाईजैक कर लिया और उनका समय बर्बाद करवा दिया।

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डॉ. एसटी हसन ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में देश के माहौल और लोगों को होने वाली समस्याओं के जवाब में वह इंडिया अलायंस को वोट देंगे। किसी भी प्रत्याशी को वोट नहीं देंगे, मैं सपा का कार्यकर्ता हूं। अखिलेश यादव मेरे नेता हैं, मुरादाबाद में चुनाव प्रचार को छोड़कर वह जो भी आदेश देंगे उसका पालन जरूर किया जाएगा। मैं मुरादाबाद में सपा उम्मीदवार के लिए प्रचार नहीं कर पाऊंगा, इसका कारण यह है कि जिन लोगों ने मेरे लिए उपवास किया, कुरान पढ़ा और मंदिरों में प्रार्थना की, अगर मैं उनके (रुचि वीरा) के लिए प्रचार करूंगा तो वे लोग टूट जाएंगे।

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