अयोध्या की तर्ज पर होगा चित्रकूट का विकास, उज्जैन में महाकाल मंदिर तक रोपवे को मंजूरी

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Bhopal: लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के पहले मोहन यादव कैबिनेट की अंतिम बैठक गुरुवार को हुई। बैठक में अयोध्या के तर्ज पर चित्रकूट का विकास किए जाने का फैसला हुआ। इसके लिए चित्रकूट विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के चार प्रमुख धर्मस्थलों पर रोपवे बनाएं जाएंगे। इसमें उज्जैन रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक का रोपवे भी शामिल है।

नगरीय प्रशासन मंत्री ने दी मामले की जानकारी   

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जानकारी देते हुए बताया कि, बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि तमाम अटकलों के बावजूद राज्य शासन द्वारा कोई भी योजना बंद नहीं की गई है। राजस्व और पूंजीगत व्यय की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए राज्य शासन के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध हैं। साथ ही सीएम ने मंत्रियों से कहा कि, सभी मंत्री अपने विभाग की समीक्षा करें और समय सीमा में काम कराएं। बजटेड कामों की समीक्षा में कमी नहीं आनी चाहिए। प्रदेश सरकार की वित्तीय स्थिति बहुत अच्छी है। उन्होंने राज्य सरकार के सौ दिन पूरे होने पर सभी मंत्रियों को बधाई दी।

मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि सीएम ने तय किया है कि, चित्रकूट के विकास के लिए विकास प्राधिकरण बनेगा। इसके लिए पदों का सृजन किया जाएगा। इसके लिए शुरुआत में कलेक्टर को 20 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इस प्राधिकरण के माध्यम से नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र में काम किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम में धार्मिक स्थलों पर रोपवे बनाए जाने की योजना है।

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उज्जैन में महाकाल मंदिर तक रोपवे को मंजूरी 

बता दें, इसके लिए उज्जैन में रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर, सागर में विक्टोरिया माता मंदिर से सेठानीपुरा, जबलपुर में एंपायर सेंटर से गुरुद्वारा बाया रामपुर चौक तथा सिविक सेंटर बल्देव बाग बाया मालवीय चौक रोप वे के लिए कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। इसका फायदा यह होगा कि पहाड़ी क्षेत्रों में जो धार्मिक स्थल हैं वहां यातायात सुगम हो सकेगा।

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