उपचुनावः तृणमूल के लिए हाई कोर्ट में मुसीबतें खड़ी करती रही हैं प्रियंका टिबरीवाल

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में भवानीपुर सीट पर होने वाला उपचुनाव दिलचस्प होता जा रहा है। यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अधिवक्ता प्रियंका टिबरीवाल को उम्मीदवार बना दिया है। भाजपा ने महिला के खिलाफ महिला उम्मीदवार को उतारकर बड़ा दांव चला है। चुनाव बाद हिंसा के मामलों को लेकर प्रियंका हाई कोर्ट में तृणमूल के लिए मुसीबतें खड़ी कर चुकी हैं। माना जा रहा है कि प्रियंका की दलीलों के बाद ही हाई कोर्ट ने चुनाव बाद हिंसा मामलों की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था।

भाजपा ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर भवानीपुर सीट से उम्मीदवार के रूप में प्रियंका के नाम की घोषणा कर दी है। प्रियंका का नाम पहले से चर्चा में चल रही था। वह राज्य की बहुचर्चित महिला अधिवक्ता हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष रही प्रियंका बंगाल में चुनाव बाद हिंसा को लेकर हाई कोर्ट में दायर केसों में अधिवक्ता रही हैं। ममता के मुकाबले प्रियंका को उतारकर भाजपा ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह मुख्यमंत्री को कड़ी टक्कर देने जा रही हैं।

चुनाव बाद हिंसा मामलों में अधिवक्ता हैं प्रियंका

दरअसल, भाजपा ने भवानीपुर से ममता के खिलाफ जिस प्रियंका टिबरीवाल को उम्मीदवार बनाया है, वह भले ही राष्ट्रीय स्तर पर कम चर्चित हो लेकिन बंगाल में वकील के रूप में यह जाना पहचाना नाम हैं। राज्य में चुनाव बाद हुई हिंसा के मामले में वह लगातार अदालत में ममता सरकार को घेरती रही हैं। टिबरीवाल भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो की कानूनी सलाहकार रह चुकी हैं। बाबुल की सलाहकार के बाद ही वह अगस्त 2014 में भाजपा में शामिल हुई थीं।

ममता के खिलाफ लड़ने से बड़े नेताओं ने कर दिया था इन्कार

जानकारों का कहना है कि भवानीपुर से भाजपा की पहली पसंद प्रियंका नहीं थीं। पार्टी उतारना तो बड़ा चेहरा चाहती थी ताकि इस चुनाव को नंदीग्राम जैसा रंग दिया जा सके। खबर है कि पार्टी के सभी बड़े नेताओं ने ममता के खिलाफ उतरने से इनकार कर दिया था। पार्टी ने विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा में शामिल होने वाले दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती से भी संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। हालांकि नंदीग्राम में ममता को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर से भी लड़ना चाहते थे, पर उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली।

विधानसभा चुनाव में बड़े अंतर से हार चुकी हैं प्रियंका

वैसे प्रियंका टिबरीवाल को भाजपा ने विधानसभा चुनाव में भी कोलकाता की इंटाली सीट से उम्मीदवार बनाया था। लेकिन तृणमूल उम्मीदवार स्वर्ण कमल ने उन्हें 58 हजार 257 वोटों के बड़े अंतर से हाराया था। प्रियंका को साल 2015 में भाजपा ने कोलकाता नगर निगम चुनाव में भी वार्ड नंबर 58 से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन पार्षद के चुनाव में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अगस्त 2020 में भाजपा ने प्रियंका को भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया। वे दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट हैं और चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों में सक्रिय रूप से पार्टी का सहयोग कर रही हैं।

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इधर, राजनीतिक जानकारों की मानें तो भवानीपुर में ममता के खिलाफ लड़ाई आसान नहीं है। यह उनका गृह क्षेत्र होने के साथ परंपरागत सीट भी है। इससे पहले ममता 2011 व 2016 में भवानीपुर से बड़े अंतर से चुनाव जीत चुकी हैं। इससे पहले कांग्रेस ने ममता के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारने का निर्णय लिया है। वहीं, 2021 के विधानसभा चुनाव में भवानीपुर सीट पर टीएमसी के शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने 28 हजार वोटों के अंतर से भाजपा के उम्मीदवार व अभिनेता रूद्रनील घोष को हराया था।

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