फ्रांसीसी राष्ट्रपति के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने की अफगानिस्तान सहित इन मुद्दों पर चर्चा

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम और हिन्द-प्रशांत सहित क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बातचीत के बारे में ट्वीट में कहा कि उन्होंने अपने मित्र राष्ट्रपति मैक्रों के साथ अफगानिस्तान के घटनाक्रम पर विचार-विमर्श किया। हमने हिन्द-प्रशांत क्षेत्र के संबंध में भारत-फ्रांस के निकट सहयोग पर भी चर्चा की। मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सहयोग सहित भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को हम बहुत महत्व देते हैं।

दोनों नेताओं की यह बातचीत फ्रांस की अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ नाराजगी के बीच हुई है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के बीच हाल ही में रक्षा गठबंधन (ऑकस) हुआ है। इस गठबंधन के बाद ऑस्ट्रेलिया ने फ्रांस से गैर-परमाणु पंडुब्बियों का सौदा रद्द कर ब्रिटेन से परमाणु पंडुब्बियों लेने का फैसला किया है। इसे लेकर फ्रांस ने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से अपने राजदूतों को विचार-विमर्श के लिए वापिस बुला लिया है।

नई दिल्ली स्थित फ्रांस के दूतावास ने मैक्रों और मोदी के बीच हुई बातचीत के बारे में कहा कि दोनों देशों ने यूरोप के साथ मिलकर हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में स्थायित्व कायम करने तथा उसे वर्चस्व मुक्त रखने के लिए सहयोग करने का फैसला किया। फ्रांस ने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता (स्वतंत्र विदेश नीति) को मजबूत बनाने के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

इस संदर्भ में ध्यान देने की बात यह है कि फ्रांस हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग के लिए बने गठबंधन क्वाड का सदस्य देश नहीं है। क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार अफगानिस्तान के संदर्भ में दोनों नेताओं ने आतंकवाद, नशीले पदार्थों, अवैध हथियारों और मानव तस्करी के संभावित प्रसार के साथ-साथ मानवाधिकारों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता के बारे में अपनी चिंताओं को साझा किया।

दोनों नेताओं ने हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग और इस क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने में भारत-फ्रांस साझेदारी की महत्वपूर्ण भूमिका की समीक्षा की। नेताओं ने भारत-फ्रांस सामरिक साझेदारी की भावना से घनिष्ठ और नियमित परामर्श जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। फ्रांस के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री से दुनियाभर में वैक्सीन वितरण के लिए भारत के सहयोग करने की दोबारा शुरुआत का स्वागत किया।