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पूर्व प्रधानमंत्री बोले- देश में लागू है अघोषित मार्शल लॉ, सरकार के खिलाफ दायर की याचिका

Situation in Pakistan is getting uncontrollable, America and England refuse to intervene
violence-in-pakistan इस्लामाबादः पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश के कई प्रांतों में अनुच्छेद-245 लागू किए जाने को अघोषित मार्शल लॉ बताते हुए सरकार के खिलाफ याचिका दायर की है। पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद-245 के अनुसार देश की सुरक्षा में नागरिक प्रशासन की सहायता के लिए सेना को बुलाया जा सकता है। खान ने पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और इस्लामाबाद में अनुच्छेद 245 को लागू करने को चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दायर की है और इसे अघोषित मार्शल लॉ करार दिया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख ने कहा कि सेना अधिनियम, 1952 के तहत नागरिकों की गिरफ्तारी, जांच और परीक्षण असंवैधानिक, अमान्य हैं और इसका कोई कानूनी प्रभाव नहीं है। उन्होंने कहा कि यह संविधान, कानून के शासन और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को खारिज करने के समान है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, खान ने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया है कि उनकी गिरफ्तारी के बाद 9 मई को भड़की हिंसा की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग गठित करने का आदेश दिया जाए। यह भी पढ़ेंः-विश्व के 20 सबसे अमीर देशों में कराई जा रही जबरन मजदूरी, आंकड़े देख खुली रह जाएंगी आंखें रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, पीएमएल-एन प्रमुख नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज, पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, जेयूआई-एफ प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान और अन्य को याचिका में प्रतिवादी बनाया गया है। इस बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि 9 मई के हमलावरों ने पाकिस्तान की शान पर हमला किया और देश के दुश्मनों को जश्न मनाने का मौका दिया. उन्होंने गुरुवार को एक ट्वीट में कहा, "मैं 9 मई की दुखद घटनाओं को केवल एक प्रदर्शन के रूप में नहीं देखता जो हिंसक हो गया।" जिन लोगों ने यह साजिश रची, उनके इरादे नापाक थे। (अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें व हमारे यूट्यूब चैनल को भी सब्सक्राइब करें)