लोकसभा के तुरंत बाद होंगे जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव, जानें चुनाव आयोग ने क्या कहा?

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Jammu Kashmir Assembly Elections: चुनाव आयोग ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चुनाव लोकसभा के तुरंत बाद होंगे। दोनों चुनाव एक साथ नहीं होने का मुख्य कारण पर्याप्त सुरक्षा बलों की कमी है। लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद एक सवाल का जवाब देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने केंद्र शासित प्रदेश में दोनों चुनाव एक साथ कराने का अनुरोध किया था, लेकिन सभी प्रशासनिक मशीनरी ने कहा कि यह संभव नहीं है।

चुनाव आयोग ने बताई वजह

ऐसा इसलिए क्योंकि विधानसभा में उम्मीदवारों की संख्या बहुत ज्यादा होगी। लोकसभा चुनाव के समय इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि अगर हर 90 विधानसभा सीटों पर 10-12 उम्मीदवार भी खड़े हों तो भी लगभग 1,000 उम्मीदवार होंगे। सुरक्षा के लिए करीब 450-500 सैनिकों की 1,000 कंपनियों की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि ”लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव होंगे” क्योंकि तब सुरक्षा बल उपलब्ध होंगे।

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पहले क्यों नहीं हुए चुनाव?

राजीव कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम में 107 विधानसभा सीटों का प्रावधान था, जिनमें से 24 पीओके के लिए आरक्षित थी। बाद में परिसीमन में पीओके की 24 सीटें जोड़कर सीटों की संख्या 114 कर दी गई। इसके मुताबिक दिसंबर 2023 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम में संशोधन किया गया। इसलिए वहां पहले चुनाव नहीं हो सके। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राज्य की पांचों लोकसभा सीटों के लिए पांच चरणों में चुनाव कराये जायेंगे।

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