यूपी में फिर उठी किसानों के अनुदान की मांग, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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UP, गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश में छोटे किसान बड़े किसानों की दया पर जीने को मजबूर हैं क्योंकि सरकार और सरकारी विभागों के अव्यवहारिक फैसलों के कारण छोटे किसान अपनी इच्छानुसार फसल नहीं उगा पाते हैं। इस वजह से वह परेशान हैं। इसको लेकर गाजियाबाद के किसानों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भी लिखा है।

जमीन बेचने को मजबूर किसान

गाजियाबाद निवासी किसान भवानी शंकर शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर छोटे किसानों की दुर्दशा से अवगत कराया है। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि सरकार और बिजली विभाग के अव्यवहारिक फैसलों के कारण छोटे किसान बड़े किसानों की दया पर जीने को मजबूर हैं। वह अपनी इच्छानुसार फसल भी नहीं उगा सकता। पत्र में कहा गया है कि ट्रैक्टर, ट्यूबवेल आदि कृषि संसाधनों पर बड़े किसानों का कब्जा है। इससे छोटा किसान अपनी फसल को समय पर पानी नहीं दे पाता, जिससे फसल बर्बाद हो जाती है और इसके दुष्परिणाम होते हैं। मजबूर होकर वह या तो अपनी जमीन बेच देता है या पट्टे पर दे देता है।

बिजली कनेक्शन देने की मांग

उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत 2 से 3 किलो के सौर ऊर्जा पंपिंग सेट से काम चलाया जा सकता है लेकिन इसकी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। उन्होंने मांग की है कि सौर ऊर्जा पंपिंग सेट के लिए सोलर प्लेटों की सुरक्षा और बीमा होना चाहिए। सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक एकड़ या एक हेक्टेयर जमीन वाले किसानों को उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड से भी बिजली का कनेक्शन नहीं मिल पाता है, जबकि ऐसे किसानों को 3 एचपी या 2 किलोवाट का बिजली कनेक्शन दिया जाना चाहिए। साथ ही सरकार को इस पर 50 फीसदी अवकाश अनुदान देना चाहिए ताकि छोटे किसान भी अपना काम कर सकें।

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वहीं भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता राजबीर चौधरी का कहना है कि यह एक बड़ी समस्या है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए और छोटे किसानों की जो भी छोटी-छोटी समस्याएं होती हैं, उनका समाधान गंभीरता से करना चाहिए, तभी छोटे किसान कुशलतापूर्वक अपना जीवन यापन कर सकेंगे और अपनी फसलें उगा सकेंगे।

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