CG Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को यहां मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कई अहम फैसले लिये गये।
मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। जिसके तहत तेंदूपत्ता संग्राहकों को संग्रहण पारिश्रमिक अब 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रुपए प्रति मानक बोरा किया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने तेंदूपत्ता संग्राहकों की सामाजिक सुरक्षा के लिए नई योजना संचालित करने का निर्णय लिया है। इस नवीन योजना के संचालन के लिए 75 प्रतिशत राशि शासन द्वारा तथा 25 प्रतिशत राशि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा वित्तीय अनुदान के रूप में उपलब्ध करायी जायेगी।
महतारी वंदन योजना लागू करने का फैसला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में महतारी वंदन योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत विवाहित महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये यानी प्रति वर्ष 12,000 रुपये की वित्तीय सहायता डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी।
इस योजना का उद्देश्य राज्य में महिलाओं के बीच लैंगिक भेदभाव, असमानता और जागरूकता की कमी के कारण समाज में महिलाओं के प्रति होने वाले भेदभाव को खत्म करना और उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार करना है। यह योजना महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देगी। इस योजना का लाभ छत्तीसगढ़ निवासी विवाहित महिलाओं को मिलेगा, जिनकी आयु 1 जनवरी 2024 को 21 वर्ष से अधिक है। विवाहित महिलाओं के अलावा, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिलाएं भी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं।
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संविदा नियुक्ति में संशोधन निरस्त
पिछली सरकार द्वारा अगस्त 2023 में जारी अधिसूचना में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम, 2012 में किए गए संशोधन को निरस्त एवं पूर्ववत करने का निर्णय लिया गया। अगस्त 2023 में उक्त नियम में संशोधन किया गया कि विभागीय जांच के बाद यदि दण्ड प्रभावी हो जाता है अथवा किसी आपराधिक मामले में न्यायालय द्वारा दण्डित किये जाने पर वे संविदा नियुक्ति के लिये अपात्र हो जायेंगे। इस संशोधन से ऐसे सेवानिवृत्त शासकीय सेवक जिनके विरूद्ध विभागीय जांच अथवा अभियोजन का प्रकरण लंबित अथवा प्रचलित है, वे भी संविदा नियुक्ति के लिये पात्र हो रहे थे। मंत्रिपरिषद ने इसे उचित नहीं मानते हुए इसे निरस्त कर संविदा नियमावली 2012 के प्रावधान को यथावत छोड़ने का निर्णय लिया है।
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य में भारत (बीएच) सीरीज वाहन पंजीयन लागू करने का निर्णय लिया। भारत सरकार द्वारा लागू की गई बीएच सीरीज के तहत दोपहिया और चारपहिया वाहनों को एक बार में दो साल का टैक्स देना होगा।
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