‘ई-ऑक्शन’ से नवीकरणीय ऊर्जा को नई प्रगति देगी योगी सरकार

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लखनऊः उत्तर प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा विकल्पों को बढ़ावा देने में जुटी योगी सरकार अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अहम प्रयास करने जा रही है। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (UPNEDA) जल्द ही राज्य में मेगा ई-टेंडर आयोजित करेगी। इसमें मुख्य रूप से 176 सोलर ट्री युक्त स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम, 32 ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन और 537 स्मार्ट सोलर लाइटिंग सिस्टम के लिए ई-टेंडर की प्रक्रिया जारी की गई है।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के तहत राज्य के सभी सोलर शहरों में इन सभी सुविधाओं की स्थापना और संचालन के लिए उपयुक्त कंपनियों को टेंडर दिया जाएगा। वहीं, पीएम कुसुम (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) के तहत आरईएससीओ मोड के माध्यम से सौर ऊर्जा जनरेटर और ग्रिड कनेक्टर सौर ऊर्जा संयंत्रों के लिए चयन अनुरोध (आरएफएस) की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

टेंडर शुल्क 11,800 रुपये निर्धारित किया गया है

प्रवक्ता ने बताया कि सोलर ट्री (1 किलोवाट), 32 ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन और 537 स्मार्ट सोलर लाइटिंग सिस्टम (2.5 किलोवाट) वाले 176 स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम के लिए ई-टेंडर दाखिल करने के लिए 11,800 रुपये और 18 प्रतिशत जीएसटी शुल्क तय किया गया है। है। यह टेंडर इसी साल 20 जून से शुरू हो चुका है और इसे दाखिल करने की आखिरी तारीख 5 अगस्त तय की गई है। 5 अगस्त को आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद सभी बोलियों में चयनित कंपनियों का चयन कर उन्हें आगे की ई-बोली प्रक्रिया में भाग लेने के लिए सूचित किया जाएगा। वैसे तो इन टेंडरों के लिए बोली लगाने की आखिरी तारीख 29 जुलाई तय की गई थी, लेकिन इसे बढ़ाकर अब 5 अगस्त की डेडलाइन सुनिश्चित की गई है।

राज्य में पीएम कुसुम योजना को भी बढ़ावा दिया जाएगा

उन्होंने बताया कि पीएम कुसुम (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) के तहत राज्य में आरईएससीओ मोड के माध्यम से सौर ऊर्जा जनरेटर और ग्रिड कनेक्टर सौर ऊर्जा संयंत्रों के लिए चयन अनुरोध (आरएफएस) की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री योगी की मंशा के अनुरूप 27 जुलाई से शुरू हुई इस प्रक्रिया में विभिन्न कृषि फीडरों के सोलराइजेशन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत ग्रिड कनेक्टेड सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

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आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, पीएम कुसुम योजना के तहत आरईएससीओ मोड के माध्यम से उत्तर प्रदेश राज्य के विभिन्न स्थानों पर घटक सी2 (फीडर लेवल सोलराइजेशन) के आधार पर 150 मेगावाट की संचयी क्षमता वाले वितरण उप-स्टेशनों को यूपीपीसीएल को बिजली की बिक्री के लिए। विकास करने में सफलता मिलेगी। इस ई-बोली प्रक्रिया में भाग लेने की अंतिम तिथि 5 सितंबर निर्धारित की गई है, जिसके बाद चयनित बोलीदाताओं को विभाग द्वारा इस संबंध में सूचित किया जाएगा।

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