
यमुनानगर: भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के किसान नेता हरपाल सिंह सुढेल की अध्यक्षता में सोमवार को खेतों में लगे बिजली टावरों के मुआवजे को लेकर बिजली मंत्री रंजीत सिंह चौटाला को जगाधरी के विश्राम गृह में ज्ञापन सौंपा गया।
इस मौके पर किसान नेता हरपाल सिंह ने बताया कि पावर ग्रिड की बिजली की एक लाइन यमुनानगर के भंभौली से फरकपुर रेलवे कॉरिडोर के लिए और दूसरी लाइन बकाना पावर हाउस से जगाधरी के सेक्टर 18 तक लाई जा रही है। जिसको लेकर पावर ग्रिड के द्वारा बहुत ही मामूली सा मुआवजा दिया जा रहा हैं। जबकि यह जमीन नेशनल हाईवे (344) के नजदीक लगती है और इसकी बाजारी कीमत 2 करोड़ रूपये प्रति एकड़ है। टावर लगने से जिसकी कीमत 90 प्रतिशत तक गिर जाएगी और किसान पूरी तरह से बरबाद हो जायेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के 2006 के अधिनियम में टावरों के नीचे का 85 प्रतिशत और तारों के नीचे का 15 प्रतिशत मुआवजा दिया जा रहा था। जबकि हरियाणा सरकार ने उसे 2022 में 100 प्रतिशत मुआवजा राशि किया है। लेकिन यह नाकाफी है। क्योंकि ना तो किसान टावरों व तारों के नीचे की जमीन पर ना तो कोई व्यापार किया जा सकता है और ना ही कोई अन्य काम या मकान बनाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे हमारी जमीन की कीमत 90 प्रतिशत खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार हमारी इस मांग को पूरा नहीं करती तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने मांग की कि टावरों के नीचे आने वाली जमीन का मुआवजा मार्केट रेट पर दिया जाए। इस मौके पर अन्य किसान भी साथ रहें।
(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें व हमारे यूट्यूब चैनल को भी सब्सक्राइब करें)