पूर्व सीएम आशोक गहलोत के बेटे वैभव ने RCA अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, जानें इसके पीछे की वजह

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जयपुरः कांग्रेस के दिग्गज नेता व राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत (Vaibhav Gehlot ) ने सोमवार को RCA के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।ऐसे में सत्ता के साथ-साथ गहलोत परिवार राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) से भी बाहर हो गया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी साझा करते हुए कहा, साल 2019 में आरसीए का अध्यक्ष चुने जाने के बाद मैंने काम करना शुरू किया। मेरा मकसद राजस्थान में क्रिकेट को बढ़ावा देना और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को इस खेल से जोड़ना था।

Vaibhav Gehlot ने क्या कुछ कहा-

वैभव ने आगे कहा- सीपी जोशी के बाद मुझे इस पद पर काम करने का मौका मिला। उन्होंने हमारे रक्षक के रूप में कार्य किया और हमारा मार्गदर्शन किया। मैंने अपने पूरे कार्यकाल में क्रिकेट की बेहतरी और आरसीए का नाम ऊंचा करने का प्रयास किया, यही कारण है कि मुझे दूसरी बार आरसीए का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया।

उन्होंने आगे कहा, राजस्थान में सरकार बदलने के बाद आरसीए के खिलाफ द्वेषपूर्ण कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरसीए कार्यालय पर जल्दबाजी में न्यायेतर तरीके से ताला लगा दिया गया। इसलिए प्रदेश के क्रिकेट और क्रिकेट खिलाड़ियों को इस स्थिति से बचाने के लिए मैं स्वेच्छा से राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूं।

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उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे अभी जानकारी मिली है कि मेरे खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। इस संबंध में मुझे बस इतना ही कहना है कि आरसीए के किसी भी पदाधिकारी या सदस्य ने मुझसे किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं की और न ही असहमति जताई, अन्यथा मैं पहले ही अपना इस्तीफा दे चुका होता। मेरे लिए राज्य के क्रिकेट और क्रिकेट खिलाड़ियों का भविष्य महत्वपूर्ण है।’ भविष्य में मैं राजस्थान के क्रिकेट खिलाड़ियों एवं क्रिकेट प्रेमियों के हितों के लिए सदैव उपलब्ध रहूंगा।

वैभव गहलोत के खिलाफ पेश किया गया अविश्वास प्रस्ताव

गौरतलब है कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में वैभव गहलोत के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया। वैभव के मुताबिक इस मामले पर उनसे चर्चा तक नहीं की गई। वैभव ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है। कहा, मैंने क्रिकेट और आरसीए के नाम की बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास किया, यही वजह है कि मुझे दूसरी बार आरसीए अध्यक्ष चुना गया। लेकिन सरकार बदलते ही आरसीए कार्यालय में बेवजह ताला लगा दिया गया। अब मेरे अंदर अविश्वास का माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

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