जरा हटके

इस आईलैंड पर सिर्फ एक ही बार जा सकते हैं आप, जानिए क्यों है इतना अनोखा

island
You can visit this island only once   नई दिल्लीः दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं जो रहस्यों से भरी हुई हैं। इनमें से कुछ जगहें ऐसी भी हैं जिनकी अनसुलझी पहेलियों का पता आज तक वैज्ञानिक भी नहीं लगा पाए हैं। ऐसे कई रहस्य हैं जिन्हें हम कोशिश करने पर भी नहीं सुलझा पाते। धरती पर ऐसे कई रहस्यमयी द्वीप (island) हैं जिनमें ऐसी-ऐसी चीजें हैं जिनके बारे में जानने से ही हैरानी होती है, कोई उन्हें देखने के बारे में सोच भी नहीं सकता। आज हम आपको एक ऐसे ही आइलैंड के बारे में बताएंगे।

देखने में काफी खूबसूरत है island

आज हम बात करेंगे स्कॉटलैंड के 'ऐनहैलो आइलैंड' नाम के एक रहस्यमयी द्वीप के बारे में, जिसका रहस्य जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। 'इन्हालो आइलैंड' एक दिल के आकार का द्वीप है, जो देखने में काफी खूबसूरत है। इसकी खासियत यह है कि यह द्वीप यहां आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। हालाँकि, यहाँ आना इतना आसान नहीं है। 'इनहेलो आइलैंड' पर आप साल में सिर्फ एक दिन आ सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि 'इनहेलो आइलैंड' पर सिर्फ एक दिन ही जाने की इजाजत है। यानी आप साल के 365 दिनों में से 364 दिन यहां नहीं जा सकते। आपको बता दें कि यह द्वीप इतना छोटा है कि इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इसे मानचित्र पर ढूंढना बहुत मुश्किल है। इस द्वीप के बारे में कई रहस्यमयी कहानियां भी प्रचलित हैं।

हवा में गायब होने की भी कहानी

पौराणिक कथाओं की बात करें तो 'ऐनहैलो आइलैंड' पर भूतों का वास है। ऐसा कहा जाता है कि इस जगह पर कई बुरी आत्माओं का साया है। जिसके कारण अगर कोई भी व्यक्ति इस द्वीप पर जाने की कोशिश करता है तो ये बुरी आत्माएं इस द्वीप को हवा में गायब कर देती हैं। यह भी कहा जाता है कि इस द्वीप पर जलपरियां भी रहती हैं, जो केवल गर्मी के मौसम में ही पानी से बाहर आती हैं। यह भी पढ़ेंः-मुंबई एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी ने शाहरुख खान को रोका, ‘पठान’ ने की ऐसी हरकत वीडियो हुआ वायरल स्कॉटलैंड की हाइलैंड्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डैन ली के अनुसार, कई हजार साल पहले आइनहैलो द्वीप पर लोग रहते थे, लेकिन साल 1851 में यहां प्लेग की बीमारी फैल गई, जिसके कारण यहां रहने वाले लोग इस द्वीप को छोड़कर कहीं और बस गए। इस आइलैंड के बारे में और कोई जानकारी नहीं है जैसे कि इसका निर्माण कब हुआ आदि लेकिन इन सभी बातों में कितनी सच्चाई है यह कहना थोड़ा मुश्किल है। (अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें व हमारे यूट्यूब चैनल को भी सब्सक्राइब करें)