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UP Board exams : सीएम की व्यूहरचना से अधिकारी हैरान, लगातार हो रही मॉनीटरिंग

Board exams
UP Board exams, प्रयागराजः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने जो रणनीति बनाई है, उसने शिक्षा अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। शनिवार को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं न होने के बावजूद बोर्ड मुख्यालय प्रदेश भर के जिला विद्यालय निरीक्षकों के संपर्क में रहा। राजकीय इंटर कॉलेज, बाराबंकी में केंद्र व्यवस्थापक की नियुक्ति की शिकायत मिलने पर शासन ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया। अब सात हजार परीक्षा केंद्रों की निगरानी कमांड सेंटर से की गई है। कंट्रोल रूम ने सीसीटीवी कैमरों के जरिए सौ से अधिक परीक्षा केंद्रों की कमियां पकड़ी हैं। इन कमियों को दूर कर लिया गया है।

-परीक्षा केंद्रों को पूरी तरह साफ-सुथरा रखने का निर्देश

बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ला के मुताबिक कुछ परीक्षा केंद्रों पर स्ट्रांग रूम में सुरक्षा कर्मियों की लापरवाही देखी गई, जिसे दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों की समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए गए। बोर्ड सचिव ने गूगल मीट में सभी अधिकारियों से कहा कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि परीक्षा शुचितापूर्ण तरीके से हो और बच्चों को सही माहौल मिले। नकलविहीन परीक्षा कराने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रुख भी सख्त है। इस मामले में उच्च अधिकारी लगातार बोर्ड सचिव से परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ले रहे हैं।

-अधिकारियों को जिलेवार काम बांट दिया गया

मंडल के सभी अधिकारियों को जिलेवार कार्य वितरित कर दिया गया है। पिछले साल प्रश्न पत्र के प्रारूप में बदलाव के बाद इस बार भी बोर्ड उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। इसके चलते कई जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी रात में परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम में जांच करने पहुंच रहे हैं। बोर्ड सचिव के निर्देश पर अब तक सात हजार से अधिक परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम की जांच की जा चुकी है। इस बार परीक्षा केंद्र बनाने में भी काफी सावधानी बरती गई है। बदनाम कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाने से बचा लिया गया है। बोर्ड को जहां भी अनियमितता की शिकायत मिली है, वहां सीसीटीवी कैमरे के जरिए विशेष नजर रखी जा रही है। यह भी पढ़ेंः-ऊर्जा मंत्री ने कहा- वंचित वर्ग का विकास ही सरकार की प्राथमिकता

-जिलों में विशेष निगरानी दस्ते बनाए गए

बोर्ड सचिव ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलों में विशेष जांच दस्ते का गठन किया गया है। इस दस्ते के अधिकारियों के नाम गोपनीय रखे गए हैं। यह दस्ता किसी भी समय परीक्षा केंद्रों पर जांच के लिए पहुंचने के लिए अधिकृत है। हालांकि जांच के लिए जाने से पहले जिला विद्यालय निरीक्षक को इसकी जानकारी दी जाएगी। पिछले साल भी बोर्ड ने ऐसी ही व्यवस्था की थी जो काफी प्रभावी रही थी। (अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर(X) पर फॉलो करें व हमारे यूट्यूब चैनल को भी सब्सक्राइब करें)