spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Homeउत्तर प्रदेशगार्डन तैयार कर पर्यावरण की करें हिफाजत, बालकनी, छज्जे और छतों पर...

गार्डन तैयार कर पर्यावरण की करें हिफाजत, बालकनी, छज्जे और छतों पर लगाएं पौधे

लखनऊः घर में गार्डन बनाकर हर किसी को पर्यावरण बेहतर बनाने में सहयोग करना चाहिए। थोड़ी सी कोशिश से अपने ही घर में अच्छा गार्डन तैयार किया जा सकता है। यदि यह काम शुरू कर दिया जाए, तो सजावटी फूलों से लेकर फल और सब्जियां भी उगाई जा सकती हैं। इससे हर कोई पर्यावरण की रक्षा में योगदान दे सकता है।

लखनऊ शहर में ऐसे तमाम घर हैं, जिनकी छतों पर अनेकों पौधे लगे हुए हैं। इनमें फूलों के अलावा सब्जियां तो हैं ही, साथ ही कुछ लोगों ने कई तरह के फल वाले पेड़ भी उगा रखे हैं। ऐसे फलों के पेड़ राजधानी के राजभवन में लगाई गई प्रदर्शनी का हिस्सा भी बनाए जा चुके हैं। यह पौधे बालकनी, छज्जे और छतों पर लगाए जाते हैं। वर्तमान में तमाम ऐसे घर हैं, जहां पर लिविंग रूम में भी पौधे लगाकर हरियाली बिखेरी गई है। ऐसे तमाम संसाधन भी बाजारों में उपलब्ध हैं, जिनका इस्तेमाल कर दीवारों पर एक साथ दर्जनों पौधे लगाए जा सकते हैं।

कभी-कभी कुछ घरेलू नुख्से पर आधारित दवाएं हर किसी के घर में बनाई जाती हैं, इसलिए इनसे सम्बंधित पौधों को अपने घर में स्थान दे सकते हैं। यह प्रकृति के लिए भी जरूरी पौधे हैं। इनमें नीम, तुलसी, एलोवेरा, गिलोय, पुदीना आदि हैं जबकि सब्जियों वाले पौधों में टमाटर, बैंगन, सेम, लौकी, करेला, खीरा, मिर्च और तरोई को सभी सीजन में उगाया जा सकता है। यह आसानी से बड़े गमलों में पूरी क्षमता के साथ फल देते रहते हैं।

ये भी पढ़ें..Ganesh Chaturthi: बाॅलीवुड सेलेब्स के घर पधारे गणपति बप्पा, धूमधाम से…

फूल और सजावटी पौधे –

कुछ लोग अपने घर में पाम, साइकस पाम, अडिका पाम, मनीप्लांट, जैट्रोपा, बॉटल ब्रश, बोगनवेलिया, हैबिस्कस, रात की रानी, चमेली, मोतिया, मोगरा, मोरपंख, फाइकस, गेंदा, कॉसमॉस (पीला), जीनिया, सूरजमुखी, टिथोनिया, गेलार्डिया आदि को जगह देते हैं। यह नर्सरियों में आसानी से मिल जाते हैं। गुलाब, कॉर्न फ्लॉवर, कारनेशन, डेजी, डहेलिया, गुलदाउदी, हॉलीहॉक, गेंदा, कॉसमॉस (पिंक और वाइट) आदि भी गमलों में अच्छी तरह से जगह बना लेते है।

फल वाले पौधों में इन्हें लगाएं –

फल खाने के शौकीन समझ सकते हैं कि अंगूर के पौधे भी लखनऊ में लगाए जाते हैं। जो पौधा जितनी मिट्टी में लगाया जाता है, वह उतना ही फल देता है इसलिए जिस गमले का इस्तेमाल करें, उसमें ज्यादा मिट्टी आती हो। प्रदर्शनी में कई बार ऐसे पौधे लाए गए हैं, जो पपीते के थे। इनमें दर्जनों पपीते लगे थे। इसी तरह से केले का पौधा बड़े गमले में लगाया जाता है।

खुद तैयार करें खाद –

रासायनिक खाद नाइट्रोजन, पोटाश और फॉस्फोरस के कम्पाउंड वाली होती है। इसके इस्तेमाल से मिट्टी कम समय में ज्यादा उपजाऊ हो जाती है, बाद में यही नुकसानदेह हो जाता है। जहां तक हो सके, घरेलू बगीचे में रासायनिक खाद के इस्तेमाल से बचना चाहिए। ऑर्गेनिक खाद में नीमखली, बोनमील, सरसों खली, कम्पोस्ट वगैरह शामिल हैं। इसके अलावा सड़ी हुई गोबर की खाद सबसे उत्तम है।

  • शरद त्रिपाठी की रिपोर्ट

अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक औरट्विटरपर फॉलो करें व हमारे यूट्यूब चैनल को भी सब्सक्राइब करें…

सम्बंधित खबरें
- Advertisment -spot_imgspot_img

सम्बंधित खबरें