इस्लामाबादः पाकिस्तान राजनीतिक अस्थिरता के साथ-साथ गंभीर आर्थिक संकट के दौर का सामना कर रहा है। गरीबी की कगार पर पहुंच चुके पाकिस्तान के हालात इतने खराब हो गए हैं कि वहां आटा चोरी रोकने के लिए धारा 144 लगा दी गई है। पाकिस्तान इस समय अपने सबसे खराब आर्थिक और राजनीतिक दौर से गुजर रहा है। यहां महंगाई पिछले 48 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है और विदेशी मुद्रा भंडार 3 अरब डॉलर से नीचे 2.97 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। ऐसे में पाकिस्तान के पास विदेशी सामान खरीदने तक के पैसे नहीं बचे हैं।
पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने घटते विदेशी मुद्रा भंडार और घरेलू आर्थिक माहौल से उत्पन्न चुनौतियों के कारण बढ़ती मुद्रास्फीति की चेतावनी दी है। मंत्रालय के मुताबिक मई महीने में महंगाई 34 से बढ़कर 36 फीसदी हो गई है। पाकिस्तान में गरीबी का आलम यह है कि यहां खाने के लिए भी आटा नहीं मिल रहा और अब तो हालात और भी बदतर हो गये हैं। क्योंकि पाकिस्तान में अब आटे की तस्करी शुरू हो गई है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि आटे की चोरी रोकने के लिए बलूचिस्तान प्रांत में धारा 144 लागू कर दी गई है। सरकार ने इसके लिए उचित आदेश जारी कर जानकारी दी है।
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दरअसल बलूचिस्तान ज्यादा गेहूं उत्पादन वाला राज्य है। पाकिस्तान में आटे की कमी के चलते बलूचिस्तान सरकार के खाद्य विभाग ने राज्य में उत्पादित गेहूं या आटे की तस्करी को रोकने के लिए पूरे राज्य में धारा 144 लागू करने का आदेश दिया है। सरकार ने यह फैसला यह सुनिश्चित करने के लिए लिया है कि अगले गेहूं की फसल के मौसम तक राज्य में आटे की कोई कमी न हो। वैसे भी पाकिस्तान में आटे और चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं। बाजार में चीनी और आटा 200 रुपए किलो मिल रहा है।
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