पालीः नगरीय विकास एवं पाली जिला प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा (Minister Jhabar Singh Kharra) ने रविवार को कहा कि मंत्री अविनाश गहलोत ने विधानसभा में जो कुछ कहा, वह नियमों के अनुसार न तो अपमानजनक है और न ही असंसदीय। फिर भी पार्टी का मानना है कि उन्हें सदन में ऐसा नहीं कहना चाहिए था।
अविनाश गहलोत ने जताया खेद
अविनाश गहलोत ने इस पर खेद भी जताया है, उन्होंने कहा- विपक्ष द्वारा इस मुद्दे पर आसन पर हमला करने का जो प्रयास किया गया, वह शर्मनाक है। खर्रा ने जिला परिषद सभागार में पत्रकार वार्ता में कहा कि पार्टी ने इस मामले का संज्ञान लिया है और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत को सचेत रहने और बोलने से पहले सोचने की चेतावनी दी है। उन्हें भविष्य में ऐसी बातें नहीं दोहराने को कहा है।
अधिकारियों को दिए निर्देश
जवाई बांध पुनर्भरण के सवाल पर मंत्री खर्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश से हुए समझौते के बाद पाली जिले और नागौर में समुद्र में बहने वाले नदी के पानी को जवाई बांध तक पहुंचाने के लिए सुरंग का निर्माण प्रस्तावित है। कार्य पूरा होने पर पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा। मंत्री खर्रा ने कहा कि पाली में एक और ट्रांसपोर्ट नगर बनाया जाएगा, ताकि भारी वाहन शहरी क्षेत्र में प्रवेश न करें। इस संबंध में कार्यवाही जारी है।
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इससे पहले मंत्री खर्रा ने अधिकारियों की बैठक ली। वर्ष 2024-25 में की गई बजट घोषणाओं में से कौन-सी घोषणाएं अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर जो कार्य शेष रह गए हैं, उन्हें पूरा करें तथा मार्च 2025 तक वित्तीय स्वीकृति जारी कर उन कार्यों को पूरा किया जाए। वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं के संबंध में खर्रा ने कहा कि पाली के विकास के लिए की गई घोषणाओं का खाका जुलाई 2025 तक तैयार कर कार्य शुरू किया जाए।
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