लड़कियों की शादी और लिव इन रिलेशनशिप की न्यूनतम आयु 21 वर्ष किए जाने की मांग

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जींदः सर्वजातीय खाप ने बुधवार को डीसी मोहम्मद इमरान रजा से मुलाकात की और राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपकर लिव-इन रिलेशनशिप ( live in relationship) से जुड़े दोनों कानूनों को रद्द करने और लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 21 साल करने की मांग की।

समाज पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव

सर्व खाप पंचायत के प्रवक्ता उमेद सिंह जागलान, बिनैन खाप से ईश्वर नैन, दादन खाप से सूरजभान, थुआ तपा से सोमदत्त शर्मा, खेड़ा खाप से सतबीर शर्मा, कालवा खाप से दिलबाग, माजरा खाप से गुरविंद्र सिंह, समुंद्र सिंह फोर, कंडेला से ओमप्रकाश खाप आदि ने बताया कि आज के सभ्य समाज में संविधान में कुछ सामाजिक कानून लागू किये गये हैं। जिसका समाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिसके कारण परिवारों में विपरीत परिस्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं।

इससे समाज को बचाना जरूरी है। इस कानून को संविधान में संशोधन करके ही समाज को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के लिए कोई उम्र सीमा तय नहीं की गई है और न ही परिवार और समाज को एक इकाई माना गया है। इस कानून के कारण यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित व्यक्तियों के पैदा होने वाले बच्चों के पालन-पोषण और उत्तराधिकार के लिए कौन जिम्मेदार होगा।

सहमति होनी जरूरी

एक लड़का या व्यक्ति और एक महिला या लड़की किस उम्र में एक साथ रह सकते हैं? इसमें परिवार और माता-पिता की सहमति जरूरी है या नहीं? क्या कोई पुरुष और महिला शादीशुदा होने के बाद भी लिव-इन रिलेशनशिप में रह सकते हैं? क्या इसमें स्त्री-पुरुष आदि के बच्चों की सहमति आवश्यक है या नहीं?

क्या लिव-इन रिलेशनशिप में पैदा होने वाले बच्चे से संपत्ति और पारिवारिक विवाद नहीं बढ़ेंगे? ऐसी स्थिति स्पष्ट नहीं की गयी है। इस कानून में संशोधन किया जाना चाहिए। लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के लिए माता-पिता में से किसी एक की सहमति जरूरी है। इसके अलावा देश और समाज में कई वर्गों और जातियों के लोग गरीब और अशिक्षित हैं, जिसके कारण बच्चों की शादी की उम्र विभिन्न परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

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इसलिए शादी की न्यूनतम उम्र 18 से बढ़ाकर 21 करना सही नहीं है। इस विषय पर कानून में संशोधन कर आयु सीमा पर भी विचार किया जाना चाहिए। खाप प्रतिनिधियों ने डीसी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर इन मुद्दों पर विचार करने का अनुरोध किया।