Makar Sankranti 2024 Date: 14 या 15 जनवरी कब है मकर संक्रांति 2024? जानें शुभ मुहूर्त और तिथि

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Makar Sankranti 2024 Date: मकर संक्रांति का पर्व देशभर में धूमधाम और श्रद्धाभाव के साथ मनाया जाता है। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तो उसे मकर संक्रांति कहा जाता है। हर साल की तरह इस साल भी मकर संक्रांति की तिथि को लेकर अलग अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं। आज हम आपको अपने इस लेख में मकर संक्रांति की तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और इसके महत्व के बारे में बताने जा रहे हैं।

इस दिन मनाया जाएगा मकर संक्रांति

अंग्रेजी वर्ष 2024 के अनुसार इस बार लीप वर्ष का संयोग बन रहा है। ये वर्ष 365 दिनों के बजाय 366 दिनों का होगा। इस बार फरवरी का महीना 28 दिनों के बजाए लीप वर्ष में फरवरी के महीने में 29 है। इस महीने सप्ताह के सात वारों में से छह वार चार-चार बार पड़ रहे हैं। सिर्फ गुरुवार ही पांच बार पड़ेगा। हर साल पहले महीने में मकर संक्रांति पर्व 14 जनवरी को मनाया जाता है। लेकिन इस साल लीप वर्ष होने के कारण संयोग में सूर्य 15 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश कर रहा है। इसलिए मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाएंगे।

ऐसे में सूर्यास्त के बाद राशि परिवर्तन करने से इस बार मकर संक्रांति का पुण्यकाल 15 जनवरी को होगा।इस साल मकर संक्रांति अश्व पर बैठकर आएगी यानी उनका वाहन अश्व और उपवाहन सिंह होगा। बता दें कि मकर संक्रांति के साथ ही एक माह का खरमास भी समाप्त हो जाएगा।

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश

सूर्य 14 जनवरी की रात्रि 2.42 बजे मकर राशि में प्रवेश करेगा। उदया काल को महत्व दिए जाने से 15 जनवरी को सूर्य के उदय होने पर मकर संक्रांति मनाना शुभ होगा। पौष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि, शतभिषा नक्षत्र होने से सुबह से ही पुण्यकाल शुरू हो जाएगा।

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शुभ मुहूर्त

मकर संक्रांति का महा पुण्य काल सुबह 07:15 मिनट से सुबह 09:00 बजे तक है। ये वो समय है जब आपको मकर संक्रांति का स्नान और दान करना चाहिए। उस दिन महा पुण्य काल 1 घंटा 45 मिनट तक होगा। पुण्य काल में भी स्नान दान होगा।

स्नान और दान का महत्व

मकर संक्रांति पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है और ये बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के बाद तिल, गुड़ और वस्त्र का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण में प्रवेश करता है। भीष्म पितामह ने अपने प्राण त्यागने के लिए इस दिन का चुनाव किया था।

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