Monday, June 17, 2024
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दीपावली की तैयारीः आकर्षक दीपकों से सजी ‘लक्ष्मण नगरी’

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लखनऊः दीपावली (deepawali)का त्योहार आने से पहले ही लक्ष्मण नगरी (लखनऊ) में रंग-बिरंगे दीये बाजार में आ गए हैं। बाजारों में आकर्षक दीयों की कीमत 40 रुपये तक है, कुछ जगहों पर छोटे दीये 100 रुपये के सैकड़ा और थोड़े बड़े दीये 200 रुपये के सैकड़ा हैं। कैसरबाग चौराहा, चिनहट, आईटी, गोलमार्केट, नरही, निशांतगंज, आलमबाग, भूतनाथ जैसे बाजारों में हर साल की तरह इस बार भी दीपावली के त्योहार से पहले ही स्थानीय दुकानदारों की दुकानें सज गई हैं।

मिट्टी से बनी भगवान श्री गणेश और मां लक्ष्मी की मूर्तियां बाजारों में छाई हुई हैं। इस साल बाजार मूर्तियों के साथ-साथ रंग-बिरंगे दीयों से भी सज गए हैं। लैंपों को पेंट कर आकर्षक लुक दिया गया है। खूबसूरत कलाकृति के रूप में खूबसूरत दीये लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।

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दुकानदारों के मुताबिक पिछले साल मिट्टी से बने दीयों की बिक्री उम्मीद से ज्यादा हुई थी। इस बार भी उन्हें उम्मीद है कि खूबसूरत आकर्षक दीयों की बिक्री बढ़ेगी। उन्हें उम्मीद है कि युवा व महिलाएं आकर्षक दीये खरीदेंगे। दुकानों पर दो तरह के मिट्टी के दीये रखे गये हैं। इसमें 12 घंटे तक लगातार जलने वाले बड़े लैंप की कीमत 50 रुपये प्रति पीस रखी गयी है। छोटे दीपक तेल डालने पर दो घंटे तक जलेंगे। इनकी कीमत 40-40 रुपए रखी गई है।

कुम्हार परिवारों की जगीं उम्मीदें

Diwali

दीपावली त्योहार से पहले आईटी चौराहे के पास स्थित रामाधीन मोहल्ले के कुम्हार परिवारों की उम्मीदें जग गई हैं। कुम्हार परिवार की महिलाओं ने इस साल अपने हाथों से हजारों दीपक बनाये हैं। सैकड़ों की दर से बिक्री के लिए घरों के बाहर दीपक लगाए गए हैं। 100 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रति सैकड़ा तक की दर पर दीये बिक्री के लिए रखे गये हैं।

दीपक जलाकर खुशियां मनाने की परंपरा

लखनऊ विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में पीएचडी कर रहे आचार्य संगम ने कहा कि भगवान श्रीराम के समय से ही दीपावली के त्योहार पर दीपक जलाकर खुशियां मनाने की परंपरा है। शुद्ध घी का दीपक जलाकर पूजा करने से भगवान गणेश और मां लक्ष्मी प्रसन्न होते हैं। दीपावली के दिन घर की मुख्य सड़क पर एक दीपक अवश्य जलाना चाहिए।

गोमय दीपक जलाने की अपील

गौ सेवा कार्यकर्ताओं द्वारा वर्ष 2023 में गौ दीपक जलाने की अपील की जा रही है। गौ सेवा के प्रांतीय प्रमुख एवं प्रचारक सर्वजीत ने कहा कि गाय के गोबर से बने दीपक जलाने से शुद्ध वातावरण बनता है और देवी-देवता प्रसन्न होते हैं। गाय के गोबर से बने दीपकों को गोमय दीपक कहा जाता है। इसे जलाने से प्रकृति को कोई नुकसान नहीं होता है।

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