
लखनऊः उत्तर प्रदेश की सियासत में तेजी से उलटफेर हो रहा है। स्वामी प्रसाद मौर्य के योगी मंत्रिमण्डल से इस्तीफा देने के बाद भाजपा ने सपा में सेंधमारी शुरू कर दी है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक धर्मपाल सिंह, सिरसागंज से सपा के विधायक हरिओम यादव और कांग्रेस पार्टी के बेहट से विधायक नरेश सैनी भाजपा में शामिल हो गए हैं। दिल्ली में इन सभी नेताओं को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और डॉ.दिनेश शर्मा की मौजूदगी में सदस्यता दिलाई है। मौजूदा समय केन्द्रीय राजधानी दिल्ली में भाजपा के रणनीतिकार विधानसभा चुनावों को लेकर मंथन कर रहे हैं।
जानकारों का मानना है कि इसी बीच उत्तर प्रदेश राजनीतिक का यह बड़ा घटनाक्रम हुआ। इसके बाद सत्ताधारी दल तुरंत सक्रीय हुआ। भाजपा के रणनीतिकारों ने स्वामी के जाने के बाद से तय किया कि जल्द से जल्द सपा से लोगों को तोड़ना आवश्यक हो गया है। इससे जनता के बीच एक पार्टी के लिए बना सक्रीय वातावरण बना रहेगा। इसी क्रम में दिल्ली में ही सपा और कांग्रेस के विधायकों को पार्टी में शामिल कराया गया है। विधायक हरिओम यादव सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के समधी बताए जा रहे हैं।
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भाजपा ने सपा मुखिया के ऐसे करीबी नेताओं को तोड़कर विपक्ष को झटका दिया है। उधर एतमादपुर से भाजपा के विधायक राम प्रताप चौहान ने धर्मपाल सिंह के भाजपा में शामिल होने पर नाराजगी जताई है। खबर आ रही है कि राम प्रताप के समर्थक उनके आवास पर पहुंच गये हैं और नारेबाजी कर रहे हैं। धर्मपाल सिंह ने पंचायत के चुनाव में भी भाजपा के सामने लड़े हैं। हमने उनका सामना किया है। मुझे नहीं मालूम कि पार्टी ने उन्हें क्यों शामिल किया गया है। पार्टी नेतृत्व से अभी तक कोई बात नहीं हुई है।
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