झांसी: नगर पालिका परिषद से चलकर झांसी पिछले कई वर्षों से नगर निगम और अब तो स्मार्ट सिटी तक बन गया है। नगर निगम में करीब 55 फीसदी पिछड़ा वर्ग मतदाताओं का हस्तक्षेप है। लेकिन आज तक एक बार भी पिछड़ा वर्ग को राजनीतिक भागीदारी का मौका नहीं दिया गया। यह पिछड़ा वर्ग की उपेक्षा नहीं तो और क्या है? कुछ ऐसे ही प्रश्न नगर निगम झांसी की जनता के सुनने को मिले। इस मामले में वरिष्ठ समाजसेवी उत्कर्ष साहू बताते हैं कि जब से मुझे याद है नगर निगम बनने से पहले भी अनुसूचित जाति और सामान्य के ऊपर राजनीतिक दलों का खूब स्नेह बरसा। राजनीतिक भागीदारी दी गई। लेकिन आज तक पिछड़ा वर्ग को नगर निगम में भागीदारी नहीं दी गई।
वहीं राजनीति के धुरंधर स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री हरगोविंद कुशवाहा ने बताया कि झांसी नगर पालिका की स्थिति का जो इतिहास है एक लाख के करीब वोट हुआ करते थे तब नगर पालिका बना था। यहां से 1995 में रिजर्वेशन आने के बाद हरिजन के लिए यह सीट चार बार रिजर्व रह चुकी है। उन्होंने बताया कि 20 साल एससी के लिए रिजर्व रह चुकी इस सीट पर अन्य जातियों का भी प्रतिनिधित्व रह चुका है। यहां तक कि दो बार मुसलिम समाज के लोगों को भी प्रतिनिधत्व दिया गया। लेकिन अभी तक पिछड़ी जाति से कोई व्यक्ति प्रतिनिधित्व करने नहीं आया। इसे लोग राजनैतिक छलावा भी मन रहे हैं।
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पिछड़े वर्ग में कुशवाहा, राजपूत,पटेल, रैकवार,बघेल,साहू आदि जाति के लोग यह सोच रहे थे कि उनके लिए प्रतिनिधित्व दिया जाएगा लेकिन उपेक्षा से उन्हें आघात लगा है। हालांकि यह चुनाव आयोग का फैसला है क्या कहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि जिले में नगर निगम समेत कुल 12 नगर पालिका व नगर पंचायत हैं। इनमें से केवल एक सीट अनारक्षित बरुआसागर। लगभग यही हाल बुन्देलखण्ड के अन्य जिलों का है।
इस संबंध में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डॉक्टर सुनील तिवारी ने बताया कि सत्ता ने हस्तक्षेप करते हुए जिले के नगर निगम समेत सारी सीटों पर आरक्षण अपने मन का करवाया है। उनकी इच्छा पर ही चुनाव आयोग ने भी मोहर लगा दी है, जो उचित नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि सामान्य व पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं का प्रतिशत करीब 75 है। बावजूद इसके सामान्य व पिछड़ा वर्ग की उपेक्षा की गई है। इस संबंध में भारतीय प्रजाशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पंकज रावत ने कहा कि जारी आरक्षण में सबसे ज्यादा अन्याय पिछड़ा वर्ग व सामान्य वर्ग के साथ किया गया है। उन्होंने इसे परिवर्तित करने की मांग की।
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