EXCLUISVE:विनय कटियार ने बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व पर उठाए सवाल

लखनऊः चुनाव आयोग द्वारा तारीखों के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी सरगर्मी अपने चरम पर है और सत्ताधारी भाजपा इस बार भी 300 प्लस का नारा लेकर मैदान में उतर चुकी है। 2017 के करिश्माई प्रदर्शन को दोहराने के लिए भाजपा जहां अपने सहयोगी दलों की मान-मनुहार और उनके कद को बढ़ाने में लगी है, वहीं स्टार प्रचारकों की सूची जारी करने के साथ ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर गृह मंत्री अमित शाह तक घर-घर जाकर वोटरों को साध रहे हैं। हालांकि, स्टार प्रचारकों की सूची में से राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले बीजेपी के फायर ब्रांड नेता विनय कटियार का नाम गायब होना सियासी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बार बीजेपी अयोध्या में बन रहे राम मंदिर व काशी में निर्मित हुए विश्वनाथ कॉरिडोर को मुख्य मुद्दा बनाकर भुनाने में लगी है, तो जातिगत समीकरणों को भी दुरूस्त कर रही है। ऐसे में बड़े ओबीसी चेहरे व अयोध्या से तीन बार सांसद चुने गए विनय कटियार की नाराजगी बीजेपी को कहीं न कहीं बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। राज्य में चल रहे सियासी उठा-पटक, जुबानी जंग व अन्य मुद्दों को लेकर इंडिया पब्लिक खबर ने पूर्व राज्यसभा सांसद विनय कटियार से खास बातचीत की। प्रस्तुत हैं उसके अंश :

– आप उत्तर प्रदेश के चुनाव को किस नजरिए से देख रहे हैं ?

उत्तर प्रदेश का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तर प्रदेश में जिस पार्टी की सरकार बनती है, वही पार्टी केंद्र में भी सरकार बनाती है। चुनाव जीतने के लिए बीजेपी को काफी मेहनत करने की जरूरत हैं। हालांकि, जनता बीजेपी के साथ है और यूपी में फिर से भाजपा की ही सरकार बनने जा रही है।

– क्या आप अयोध्या से विधानसभा चुनाव के लिए मैदान में उतर रहे हैं ?

मुझे चुनाव नहीं लड़ना है, यह बात मैं पहले ही शीर्ष नेतृत्व के सामने स्पष्ट कर चुका हूं। मुझे पार्टी के लिए प्रचार करना है, जहां पार्टी कहेगी वहां जाएंगे।

– बीजेपी की राजनीति में केंद्र रहे राम मंदिर आंदोलन के नायक के रूप आपको देखा गया, लेकिन 2022 के चुनाव में आपको दरकिनार किए जाने की चर्चा चल रही है ?

नाम नहीं, हमेशा काम देखना चाहिए। ये पार्टी ही देखती है कि किसको क्या जिम्मेदारी देनी चाहिए। मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है, लेकिन ये बात सोचने वाली जरूर है कि कुछ लोग काटने का काम करते हैं।

– पिछड़ा वर्ग आपके साथ हमेशा से रहा है तो बीजेपी आप पर क्यों भरोसा नहीं जता रही है ?

मैंने हमेशा हिदुत्व की लड़ाई लड़ी है इसलिए हमारा हिंदू चेहरा है। हम जब भी निकलेंगे तो हिंदुत्व के लिए, राम और कृष्ण के लिए निकलेंगे। पार्टी को जब मेरी जरूरत होगी, तो हम मैदान में उतर कर यथासंभव मदद जरूर करेंगे। स्टार प्रचारक का अर्थ बहुत जल्द समझ में आ जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व तो मेरे साथ है, बस राज्य स्तर पर कुछ लोग ऐसे हैं जो इस बात को नहीं समझते।

– पार्टी के अंदर चल रहा मतभेद क्या चुनाव में बीजेपी को भारी नुकसान पहुंचाएगा ?

इसका निर्णय प्रदेश नेतृत्व को करना है कि किस पर भरोसा करके क्या काम दिया जाएगा। फिलहाल पार्टी मुझसे जो काम करने के लिए कहेगी, मैं वैसा ही करुंगा।

– अयोध्या से बीजेपी जिस प्रत्याशी को उतारेगी तो क्या आप उसके लिए प्रचार करेंगे ?

अयोध्या की सीट से जो भी प्रत्याशी लड़ेगा उसको पूरी तरह से समर्थन देंगे और प्रचार करेंगे। वहां से भारी मतों के साथ जीत मिले, इसके लिए पूरा जोर लगाया जाएगा। भाजपा के रहने पर ही अयोध्या का विकास होगा, लेकिन मेरी नाराजगी जहां है वहां रहेगी।

– पार्टी की हर गाइडलाइन का पालन के बाद भी आपको इग्नोर क्यों किया जा रहा है ?

अभी हमारा बहुत सा काम बाकी है, काशी विश्वनाथ से लेकर मथुरा तक बहुत से काम करने हैं। बस शंखनाद करने की देरी है, लेकिन चुनाव एक बड़ी अदालत है और यहां हमें इग्नोर किया जा रहा है ये मुझे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं है।