Dairy Farming: 25 पशुओं के डेयरी शुरू कर सकेंगे पशु पालक, डेयरी शुरू करने पर मिलेगा 50 फीसदी का अनुदान

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लखनऊः उत्तर प्रदेश के पशुधन  एवं दुग्ध विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने बुधवार 12 जुलाई को योजना भवन में विभागीय उपलब्धियों के संबंध में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को आगामी 05 वर्षों में ट्रिलियन डालर इकोनॉमी बनाए जाने हेतु प्रदेश सरकार संकल्पित है। किसानोन्मुख योजनाओं से न सिर्फ पशुओं के संरक्षण एवं सम्वर्धन में आशातीत वृद्धि हुई है अपितु किसानों और पशुपालकों (Dairy Farming) की आय दोगुनी करने के संकल्प को गति मिली है।

योजना की कुल लागत 47 लाख रुपए

पशुधन मंत्री ने कहा छोटे किसानों के लिए नंद बाबा मिशन के तहत नई योजना का प्रस्ताव है। योजना के तहत देसी नस्ल के 25 गौवंश  या महिश्वंशीय पशुओं के पालन (animal husbandry) पर कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान के रूप में किसान को दिया जाएगा। योजना की कुल लागत 47 लाख रुपए रहेगी। कृषक को 10 फीसदी ही मार्जिन मनी के रूप में लगानी पड़ेगी, शेष बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष में लघु पशु योजनान्तर्गत 05 नवीन योजनाओं का प्रारम्भ किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत उत्तराखण्ड से उन्नत किस्म के मेढ़े खरीद के भेड़ पालकों को निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।

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20 भेड़ों एवं 1 मेढ़े की 1.70 लाख की योजना संचालित

भेड़ पालन को बढ़ावा दिए जाने हेतु भेड़ बहुल क्षेत्रों में 20 भेड़ों एवं 01 मेढ़े की रूपए 1.70 लाख की योजना संचालित की जा रही है, जिसमें लाभार्थी का अंश मात्र 10 प्रतिशत है। बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से नस्ल सुधार की योजना है। उक्त के अतिरिक्त इटावा में स्थापित भेड़ एवं बकरी पालन प्रशिक्षण केन्द्र को संचालित करते हुए भेड़ बकरी पालन हेतु प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की योजना है। भेड़ एवं बकरी पालन की उपर्युक्त योजनाओं के संचालन से घुमंतु जातियों एवं चरवाहों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकेंगे। लाइव स्टाक मिशन के अन्तर्गत बकरी पालन, सुकर पालन की 19 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी है।

सिंह ने बताया कि नस्ल सुधार के अन्तर्गत सरकार द्वारा प्रदेश के समस्त पशुधन एवं कृषि प्रक्षेत्रों पर 11 सीमन वितरण केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां से पशुपालकों को उन्नत नस्ल का सीमेन प्राप्त हो सकेगा। पशुधन उत्थान वर्ण संकर केन्द्र, बरेली का संचालन प्रारम्भ कर दिया गया है। रहमानखेड़ा, लखनऊ में 44 करोड़ की लागत से सेक्स शार्टेड सीमेन लैब की स्थापना की जा रही है। प्रदेश में सेक्स शार्टेड सीमेन की दर 300 से घटाकर 100 रूपए कर दी गई है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ पशुपालकों को मिलेगा एवं मादा गौवंश की उत्पत्ति बढ़ेगी।

04 करोड़ प्रति परियोजना की दर से 04 परियोजनाएं स्वीकृत

राष्ट्रीय गोकुल मिशन (Dairy Farming)योजनान्तर्गत नस्ल सवंर्धन हेतु 04 करोड़ प्रति परियोजना की दर से 04 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें 50 प्रतिशत की दर प्रति परियोजना रूपये 02 करोड़ का अनुदान निहित है। पशुधन मंत्री ने बताया कि प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि चारागाह की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराते हुए चारागाह की भूमि पर मनरेगा एवं अन्य सीएसआर मद का उपयोग करते हुए बहुवर्षीय हरा चारा (नैपियर घास आदि) का उत्पादन किया जाय। इस हेतु 11 जुलाई से 25 अगस्त तक 45 दिन का विशेष अभियान प्रारम्भ किया गया है। उन्होंने सभी गोशालाओं में वृक्षारोपण करने की अपील भी की।

(रिपोर्ट- शरद त्रिपाठी, लखनऊ)

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