छात्रों को बनाने के लिए स्मार्ट, गूगल और शिक्षा मंत्रालय आ रहे हैं साथ

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नई दिल्लीः देश में एक नई पहल के तहत गूगल इंडिया और शिक्षा मंत्रालय छात्रों और देशभर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों को तकनीकी मदद पहुंचाने के लिए मिलकर काम करेंगे। गूगल इंडिया और शिक्षा मंत्रालय इस नई पहल के लिए योजना बना रहे हैं। इस नई योजना पर भारत में गूगल के सर्वोच्च अधिकारियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक भी हो चुकी है।

एक नए परिदृश्य में हो रही इस नई साझेदारी से छात्रों को क्लासरूम और उसके बाहर भी तकनीकी तौर पर सशक्त बनाया जाएगा। साथ ही भारतीय युवाओं को वैश्विक प्रौद्योगिकी और भविष्य के कौशल से लैस किया जाएगा।

गूगल ने शिक्षा को लेकर भारत में गूगल फीचर अपडेट, एडटेक, बेस्ट एडटेक इंडिया, ऑफलाइन कॉन्टेंट, गूगल क्लासरूम, गूगल मीट अपडेट, एजुकेशन न्यूज आदि लर्निंग प्लेटफॉर्म्स पर 50 से अधिक नई सुविधाएं शुरू की हैं। शिक्षा मंत्रालय में गूगल इंडिया के कंट्री हेड और वीपी, संजय गुप्ता ने शिक्षा से जुड़े विभिन्न तकनीकी विषयों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की है। यह मुलाकात मंगलवार को शिक्षा मंत्रालय में हुई।

छात्रों एवं विभिन्न शिक्षण संस्थानों दोनों को ही ऑनलाइन माध्यमों के इस्तेमाल के दौरान तकनीक की विशेष आवश्यकता होती है। स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों और शिक्षकों को असाइनमेंट के लिए पीडीएफ व मोबाइल से खींची गई फोटो अपलोड करनी पड़ती हैं। इस प्रक्रिया में विभिन्न ऑनलाइन परीक्षाओं के दौरान छात्रों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। कई बार इन समस्याओं को देखते हुए विभिन्न विश्वविद्यालयों ने फाइल अपलोड करने के लिए अतिरिक्त घंटे व दिन भी उपलब्ध कराएं।

बावजूद इसके समस्याएं बनी रहीं। गूगल, छात्रों एवं शिक्षण संस्थानों को जल्द ही इस समस्या का निदान भी देने जा रहा है। एक नए एवं आधुनिक ऐप के माध्यम से इस समस्या का निस्तारण किया जाएगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि गूगल इंडिया के कंट्री हेड और वीपी संजय गुप्ता के साथ शिक्षार्थियों को सशक्त बनाने, युवाओं को भविष्य की तकनीक और कौशल से लैस करने, डिजिटल डिवाइड को पाटने और विशेष रूप से वंचितों के लिए पहुंच बढ़ाने पर बातचीत हुई है। तकनीकी एवं डिजिटल शिक्षा के तकनीकी एवं डिजिटल माध्यमों में आने वाली विभिन्न प्रकार की समस्याओं का आकलन किया है। गूगल ऐसी ही 50 से अधिक समस्याओं का समाधान भारतीय छात्रों को देगा।

इसके अलावा गूगल भारतीय छात्रों के लिए शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विकल्प स्थानीय एवं भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराने जा रहा है। भारत में क्षेत्रीय भाषा की मांग रही है और साथ ही तकनीक-सक्षम उपकरणों का उपयोग करने में मोबाइल-प्रथम दृष्टिकोण एक बड़ा क्षेत्र था। पिछले एक साल में, सीबीएसई, केंद्रीय विद्यालय और विभिन्न राज्यों के साथ साझेदारी में गूगल द्वारा आयोजित प्रशिक्षण में पांच लाख से अधिक शिक्षकों ने भाग लिया है।

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वहीं गूगल क्लासरूम में नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। इनमें बेहतर मोबाइल ग्रेडिंग, और क्लासरूम ऐड-ऑन फीचर शामिल हैं। यह कक्षा में किसी तृतीय-पक्ष एडटेक टूल या प्लेटफॉर्म के सीधे एकीकरण की अनुमति देता है। गूगल मीट में भी कई सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। नए अपग्रेड के तहत, शिक्षकों का अपनी ऑनलाइन कक्षाओं में अधिक नियंत्रण होगा।

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