मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष में मनाये जाएंगे यह व्रत और त्यौहार

नई दिल्लीः हिंदू पंचाग के अनुसार साल के नौवें माह को मार्गशीर्ष या अगहन कहा जाता है। इस माह की शुरूआत 19 नवंबर को हुई थी और चार दिसंबर को अमावस्या तिथि के बाद शुक्ल पक्ष की शुरूआत हो चुकी है। यह माह पूर्णिमा (19 दिसंबर) को समाप्त हो जाएगा। यह माह मांगलिक कार्यो के लिए बेहद शुभ माना जाता है। चातुर्मास के बाद शुरू होने वाले इस माह में सभी मांगलिक कार्य होते हैं। अगहन मास के शुक्ल पक्ष में कई त्यौहार मनाये जाते हैं-

विनायक चतुर्थी
अगहन मास की विनायक चतुर्थी 7 दिसंबर (मंगलवार) को मनायी जाएगी। इस दिन भगवान गणेश जी का व्रत और पूजन किया जाता है। यह पूरी तरह से भगवान विनायक को समर्पित होता है।

विवाह पंचमी
आठ दिसंबर को विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस दिन मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम और माता जानकी विवाह बंधन में बंधे थे। इस दिन भगवान श्रीराम और माता सीता की पूजा आराधना करना बेहद शुभ फलदायी होता है।

मोक्षदा एकादशी
मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोक्षदा एकादशी के रूप में जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु जी का व्रत-पूजन करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और जन्म-मरण के बंधन से व्यक्ति मुक्त हो जाता है। ऐसी भी मान्यता है कि इस दिन श्रीमद्भागवत गीता का अवतरण भगवान श्रीकृष्ण जी के अपने श्रीमुख से हुआ था।

प्रदोष व्रत
मार्गशीर्ष माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत (16 दिसंबर) रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना एवं व्रत किया जाता है।

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मार्गशीर्ष पूर्णिमा
अगहन मास की पूर्णिमा तिथि (19 दिसंबर) को है। यह इस माह का अंतिम दिन है इसके बाद से पौष माह प्रारंभ हो जाएगा। इस दिन मां अन्नपूर्णा की जंयती भी मनाई जाती है।

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