शांत हुआ शैतानी जूते पर मचा बवाल! कंपनी ने जीता मुकदमा

नई दिल्लीः आखिरकार ‘शैतान शूज’ या ‘शैतानी जूते’ पर मचा बवाल शांत हो गया। शैतान शूज बनाने वाली कंपनी ने केस जीत लिया। कहा जा रहा था इस शूज को बनाने इंसानों का खून मिलाया गया है। अब इसी केस में नाइकी कंपनी को बड़ी जीत मिली है। नाइकी ने आरोप लगाया था कि MSCHF और उसके अनाधिकृत शैतानी जूते के उत्पादकों ने कंपनी के खिलाफ भ्रम फैलाया और गलतफहमी की स्थिति पैदा कर दी।

बता दें कि सोशल मीडिया पर इन जूतों की काफी आलोचना हो रही थी। जूते बनाने वाली मशहूर कंपनी नाइकी (Nike) ने भी इसे बनाने वाली कंपनी MSCHF पर मुकदमा ठोक दिया है। कंपनी का कहना है कि उसकी अनुमति और जानकारी के बिना जूते पर उसका लोगो इस्तेमाल किया गया।

MSCHF कंपनी ने इस जूते को 29 मार्च पर बाजार में उतारा था। कंपनी ने यह जूता मशहूर रैपर लिल नास के साथ मिलकर बनाया है। AFP की खबर के अनुसार 21 साल का यह रैपर हाल ही में डेविल लैप डांस वीडियो के बाद चर्चित हुआ था। इस वीडियो की वजह से अमेरिकी गवर्नर उन पर भड़क गए थे। उन्होंने इस उत्तेजक वीडियो क्लिप के मुद्दे को उठाते हुए बाइबल के उपदेश भी ट्वीट किए थे। इसके बाद यह घोषणा की गई कि लिल नास MSCHF कंपनी के साथ मिलकर ‘शैतान शूज’ बनाएंगे। बताया जा रहा है कि यह ब्लैक नाइकी एयर मैक्स 97s में एक लोगो है, जिसका जिक्र बाइबल में है और इस तरह से ईश्वर का अपमान किया गया है।

वहीं नाइकी के आरोपों पर MSCHF की तरफ से पेश हुए वकील ने कहा कि 666 जोड़ी बनाए गए ये जूते कोई आम जूते नहीं और व्यक्तिगत रूप से बनाई गई एक आर्ट है। इस आर्ट को सहेजने वालों को ही ये जूते 1018 डॉलर में बेची गई थी।

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दोनों तरफ की बहस सुनने के बाद अमेरिकी कोर्ट के फेडरल जज ने नाइकी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए इसके बेचे जाने पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश दिया। इस आदेश का क्या असर होगा ये अभी नहीं कहा जा सकता क्योंकि MSCHF ने भी संकेत दिया है कि इस तरह के शैतानी जूते और बनाने की अब कोई योजना नहीं है।

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