Bhadrapada: चातुर्मास का दूसरा मास होता है भाद्रपद, जानें इस माह के व्रत और त्योहार

नई दिल्लीः सावन माह के समाप्त होने के बाद अब भाद्रपद माह की शुरूआत हो चुकी है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद माह साल का छठवां मास होता है। इस माह को भादो, भाद्र या भादवा के नाम से भी जाना जाता है। भाद्रपद माह अगले माह 10 सितंबर तक रहेगा। भाद्रपद चातुर्मास का दूसरा माह होता है। इस माह कई व्रत और त्यौहार मनाये जाते है। भाद्रपद में कजरी तीज, जन्माष्टमी, राधा अष्टमी, अनंत चतुर्दशी समेत कई व्रत एवं त्योहार मनाये जायेंगे। भाद्रपद माह में पूजा-पाठ करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है, लेकिन चातुर्मास के चलते इस माह मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। भाद्रपद माह के 10 सितंबर को समाप्त होने के बाद पितृ पक्ष शुरू हो जायेंगे। पितृ पक्ष में पितरों को तर्पण एवं पिंडदान किया जाता है। आइए जानते हैं इस माह पड़ने वाले व्रत एवं त्योहारों के बारे में।

भाद्रपद माह के व्रत और त्योहार
12 अगस्त शुक्रवार- भाद्रपद माह प्रारंभ, कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि
14 अगस्त, रविवार- कजरी तीज या सातुड़ी तीज
15 अगस्त, सोमवार- बहुला चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी व्रत, स्वतंत्रता दिवस
17 अगस्त, बुधवार- सिंह संक्रांति
18 अगस्त, गुरुवार- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
23 अगस्त, मंगलवार- अजा एकादशी
24 अगस्त,बुधवार- प्रदोष व्रत
25 अगस्त, गुरुवार- मासिक शिवरात्रि
27 अगस्त, भाद्रपद अमावस्या

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28 अगस्त, रविवार- भाद्रपद शुक्ल पक्ष प्रारंभ
30 अगस्त, मंगलवार- हरतालिका तीज
31 अगस्त, बुधवार- गणेश चतुर्थी
01 सितंबर, गुरुवार- ऋषि पंचमी
04 सितंबर, रविवार- राधा अष्टमी
06 सितंबर, मंगलवार- परिवर्तिनी एकादशी
08 सितंबर, गुरुवार- प्रदोष व्रत, ओणम
09 सितंबर, शुक्रवार- अनंत चतुर्दशी, गणेश विसर्जन
10 सितंबर, शनिवार- भाद्रपद पूर्णिमा व्रत, पितृ पक्ष प्रारंभ।

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