बीता हुआ साल बाधाओं भरा रहा, यह वर्ष समाधान का है-राजनाथ सिंह

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लखनऊः रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बीता हुआ साल बाधाओं वाला रहा तो यह समाधान का साल है। पिछला वर्ष निराशा से भरा था लेकिन यह साल उत्साह से परिपूर्ण होगा। 20 वर्षों से न्यू कमांड अस्पताल की बात चल रही थी। वर्ष 2018 में पास हुआ था, लेकिन कई कारणों से निर्माण कार्य टलता रहा। अब बाधाएं दूर हो गई है।

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राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ शनिवार को लखनऊ कैंट स्थित मध्य कमान में सेना के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए भूमि पूजन किया। उनके साथ सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे भी मौजूद रहे। यह अस्पताल 788 बेड का है, जिसमें 100 इमरजेंसी बेड अलग से होंगे। इससे छह लाख जवान और परिवार को फायदा मिलेगा। रक्षामंत्री ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड की चपेट में पूरी दुनिया है। आपदा आने के साथ इससे निपटने का प्रयास शुरू कर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार बैठक करते रहे। पहले हमारे पास इससे निपटने के लिए सन साधन नही थे। पहले दो लैब थी, लेकिन आज हजार से ज्यादा है। मास्क, वेंटिलेटर बनाकर देश ही नहीं दूसरे देशों को एक्सपोर्ट भी किया जा रहा है। डॉक्टर्स, पैरा मेडिकल स्टॉफ ने जोखिम न उठाया होता तो सारा इंफ्रास्ट्रक्चर धरा रह जाता। ये फ्रंट लाइन सोल्जर रहे। दो वैक्सीन स्वदेशी बनाई हैं, चार और आने वाली हैं। भारत अपनी नहीं पूरी दुनिया की चिंता करता है। उन्होंने कहा कि जीडीपी में भी हेल्थ सेक्टर में वृद्धि हो रही है। मेडिकल में रिसर्च डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया है। आयुष्मान जैसी योजना दुनिया में नहीं है। दो साल में 1.5 से ज्यादा लोगों को लाभ मिला है। प्राइमरी हेल्थ सेंटर को हेल्थ एंड वेलनेस सेन्टर की तरह विकसित कर रहे हैं। हर जिले में एक पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कॉलेज होगा। 22 नए एम्स छह महीने में बन गए। निर्धारित समय मे अस्पताल बनकर तैयार हो, ऐसी कामना करता हूं। 1971 युद्ध का स्वर्ण जयंती वर्ष मनाया जा रहा है, उसकी भी बधाई।

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमिपूजन समारोह के मुख्य अतिथि राजनाथ सिंह, थल सेनाध्यक्ष का हृदय से अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि दस महीनों से पूरी दुनिया जिस महामारी से त्रस्त थी, उसके खिलाफ वैक्सीनेशन शुरू हो गई है। न्यू कमांड अस्पताल के कार्यक्रम से खुशी दोहरी हुई है। वास्तव में भारत की सेना दुनिया मे शौर्य पराक्रम के लिए जानी जाती है। सेना की जरूरतों की पूर्ति के लिए केंद्र सरकार ने हर प्रकार से सुविधा दी है। स्वास्थ्य सेवा की महत्ता हम समझते हैं। राजधानी में नये कमांड अस्पताल की जरूरत समझते हैं। कोरोना से जंग में सेना ने बढ़चढ़कर मदद की है। सेना की व्यवस्था सिविल प्रशासन में आगे बढ़ने की उमंग भरता है। रक्षा और सिविल प्रशासन मिलकर काम करेगा। भरपूर सहयोग किया जाएगा। मध्य कमान सेनाध्यक्ष आईएस घुमन ने यह बताया कि आठ आर्मी स्टेशन भी वर्चुअल रूप से जुड़े हुए हैं। 1889 में ब्रिटिश आर्मी के लिए कमान अस्पताल बना था। अभी उसे मॉडर्न बनाया जा रहा है। नया मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में 788 बेड और 100 इमरजेंसी बेड, 6 लाख जवानों को कवर करेगा, 22 मिलिट्री अस्पताल अभी सेवाएं दे रहे हैं। अगले तीन से चार साल में अस्पताल तैयार हो जाएगा।