अंधविश्वास की हद ! एक ने मंदिर में जीभ काटी, दूसरे ने खुद की बलि देने का किया प्रयास

 

लखनऊ: हमारे समाज में आज भी अधिकतर लोग अंधविश्वास के जाल में जकड़े हुए हैं। आए दिन हम अपने आस-पास अंधविश्वास में जकड़े हुए लोगों को तरह-तरह से कारनामें करते हुए देखते हैं। कभी-कभी तो कुछ मामले बेहद हैरान कर देने वाले होते हैं। ऐसा ही दो और ताजे मामले सामने आए हैं।  उत्तर प्रदेश में नवरात्रि के दौरान अलग-अलग जगहों पर दो ऐसी घटनाएं हुईं हैं जहां अंधविश्वास की सारी हदें पार कर दी गई हैं। एक शख्स ने मंदिर में अपनी जीभ काट दी तो वहीं अन्य शख्स ने मंदिर में खुद की बलि चढ़ाने की कोशिश की। दोनों ही मामलों में घायलों का इलाज चल रहा है। बता दें, इस तरह की कुछ घटनाएं काफी समय पहले अलग-अलग राज्यों से भी सामने आई थीं।

पहला मामला यूपी के बांदा जिले का है, जहां के बबेरू कोतवाली के तहत आने वाले भाटी गांव के आत्मा राम (32) ने कथित तौर पर अपनी जीभ को काटकर मंदिर में चढ़ा दिया। जैसे ही इस घटना की खबर सामने आई तो वहां बड़ी संख्या में भीड़ इकट्टी हो गई। इसके बाद पुलिस तक भी सूचना पहुंच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उसकी हालत में सुधार है। युवक के पिता ने का कहना है कि वह मानसिक रूप से बीमार था और नवरात्रि के दौरान नौ दिन से व्रत कर रहा था। युवक के पिता ने कहा कि शायद किसी के बहकावे में आकर युवक ने ऐसा किया होगा।

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वहीं दूसरी घटना हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के तहत आने वाले बेरी गांव की है, जहां 49 साल के व्यक्ति ने कोटेश्वर मंदिर में भगवान शंकर को खुश करने की कोशिश करने करते हुए खुद की बलि देने का प्रयास किया और अपनी गर्दन काट ली। गंभीर रूप से घायल शख्स को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस ने मामले की जांच करते हुए बलि चढ़ाने में प्रयुक्त हथियार को भी बरामद कर लिया है।

बताया जाता है कि रुक्मणी शर्मा नाम का शक्स अक्सर तांत्रिक साधना में लीन रहता था और साधना में सिद्धि नहीं मिलने पर वह परेशान था। इसके बाद वह कोटेश्वर शिव मंदिर पहुंचा और सरौते से वार करते हुए अपनी गर्दन काटकर भगवान शिव को चढ़ाने की कोशिश की। फिलहाल घायल हुए रुक्मणी शर्मा का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

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