बिहार में कोरोना की स्थिति भयावह, बीते 24 घंटोें में मिले 11407 नये कोरोना संक्रमित

पटनाः बिहार में सोमवार को 11,407 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान हुई। पटना में सर्वाधिक 2028 नए संक्रमित मिले, जबकि वैशाली में 1035, गया में 662, मुजफ्फरपुर में 653, पश्चिमी चंपारण में 549 और बेगूसराय में 510 नए कोरोना संक्रमित मिले। पिछले 24 घंटे में राज्य में 72,658 सैम्पल की कोरोना जांच की गई।

बिहार में कोरोना की भयावह स्थिति को छिपाने का सरकार ने कोरोना टेस्ट कम करने का तरीका निकाला है। हर रोज कोरोना टेस्ट की संख्या कम होती जा रही है। सोमवार को बिहार में कोरोना टेस्ट की संख्या घटाकर महज 72 हजार 658 कर दी गई। सरकार इसका भी कोई आंकड़ा नहीं दे रही है कि इसमें आरटी-पीसीआर टेस्ट की संख्या कितनी है। हालांकि, बताया गया है कि बमुश्किल 30 प्रतिशत टेस्ट ही आरटी-पीसीआर से हो रहे हैं। जाहिर है, न होगी जांच और ना कोरोना की भयावहता का पता चलेगा।

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रोज कम होता जा रहा है टेस्ट का आंकड़ा
बिहार में 28 अप्रैल को 1,03,895 टेस्ट, 29 अप्रैल को 97,972 टेस्ट, 30 अप्रैल को 98169 टेस्ट, एक मई को 95,686 टेस्ट, दो मई को 89,393 टेस्ट और तीन मई को महज 72 हजार 658 लोगों की ही जांच की गई। इस प्रकार दिन प्रतिदिन बिहार में कोरोना के वास्तविक आंकड़े को छिपाने के लिए सरकार ने टेस्ट की रफ्तार को कम कर दिया है। आज जितने टेस्ट हुए हैं, उसमें से 15 प्रतिशत से भी ज्यादा लोग पॉजिटिव पाए गए हैं यानी कि अगर सरकार एक लाख टेस्ट कराती तो 15 हजार से ज्यादा मरीजों सामने आ सकते थे। विशेषज्ञ बता चुके हैं कि कोरोना की रोकथाम के लिए सबसे जरूरी कदम कोरोना की जांच करना है लेकिन बिहार में कोरोना की जांच बढ़ाने के बजाय और कम होती जा रही है। ये स्थिति तब है जब खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बार-बार ये एलान कर चुके हैं कि कोरोना टेस्ट की तादाद बढ़ायी जायेगी लेकिन शायद सरकार को कोरोना की भयावह स्थिति पर पर्दा डालने के लिए यही सबसे बेहतर उपाय नजर आ रहा है।