सपा नेता की बहू को चुनाव में हरा गांव का प्रधान बना मजदूर हरदौल निषाद

हमीरपुरः जिले में पंचायत चुनाव में बड़ी आबादी वाले एक ग्राम पंचायत की सत्ता अब एक मजदूर सम्भालेगा। मजदूर ने सिर्फ एक वोट से सपा के पूर्व ब्लाक प्रमुख की बहू एवं पूर्व प्रधान को शिकस्त दी है। गांव में नये प्रधान के बनने से लोगों में काफी खुशी है। सुमेरपुर ब्लाक के बड़ागांव में पूर्व प्रधान कुसुम उर्फ रूबी यादव समेत पांच उम्मीदवार प्रधान पद के लिये चुनाव मैदान में थे। कुसुम यादव उर्फ रूबी सपा नेता एवं ब्लाक प्रमुख रहे जयनारायण यादव की बहू है।

इन्हें कड़ी टक्कर देने के लिये गांव के गरीबों ने हरदौल निषाद को चुनाव मैदान में उतारा था। भाजपा ने भी इस उम्मीदवार को समर्थन दिया था। मतदान के बाद से ही गांव के लोग हरदौल निषाद की जीत के प्रति आश्वस्त थे। मतगणना के आखिरी दौर में हरदौल निषाद की जीत पर ब्लाक प्रमुख और उनके समर्थकों ने दोबारा मतगणना कराने के लिये दबाव बनाया। तीन बार रिकाउटिंग कराने के बाद प्रत्याशी हरदौल निषाद को एक वोट से विजयी घोषित कर दिया गया। उन्हें 475 मत मिले है जबकि कुसुम उर्फ रूबी यादव को 474 मत मिले है। बता दें कि गांव में पिछले साल 19 मई को हरदौल निषाद की बेटी की हत्या कर शव नाले में फेंका गया था। जिसमें गांव के कई प्रभावशाली लोग नामजद किये गये थे। अभी तक जिले में 207 ग्राम प्रधानों एवं बीडीसी के परिणाम घोषित किये गये है।

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मजदूरी से चलती है घर की गाड़ी, अब गांव का करेगा विकास
हरदौल निषाद पंचायत चुनाव से पहले मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। ये अपने गांव और आसपास के इलाकों में मकान बनाने का काम करता था। पंचायत चुनाव में बिरादरी के लोगों ने एकजुट होकर इसे चुनाव मैदान में उतारा और आखिरी दौर तक लोग जुटे भी रहे। भाजपा के बूथ अध्यक्ष शिवेन्द्र यादव ने बताया कि हरदौल निषाद को हराने के लिये तीन बार मतगणना सपा नेता एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख ने करवायी लेकिन इसके बाद भी उन्हें शिकस्त मिली है। यह जीत गांव के गरीबों और मजदूरी की है। निर्वाचित प्रधान हरदौल ने बताया कि श्रीराम ने उनकी लाज रख ली है। गांव के लोग यदि एकजुट न होते तो आज यह खुशी भी नहीं मिलती। गांव में विकास कार्य कराने के साथ ही हर गरीब और पात्र लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ मिलेगा।