उत्तर प्रदेश

Lok Sabha Elections 2024: घमासान के बाद सपा ने मेरठ में भी बदला टिकट, अतुल लड़ेंगे चुनाव

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Lok Sabha Elections 2024: इस लोकसभा चुनाव में टिकट बदलने को लेकर समाजवादी पार्टी में घमासान मचा हुआ है। कई सीटों पर टिकटों की अदला-बदली के बाद सपा ने मेरठ लोकसभा सीट पर भी भानुप्रताप सिंह का टिकट काट दिया और सरधना विधायक अतुल प्रधान को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। इससे मेरठ सीट पर चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने वाला है।

15 मार्च को सपा ने उतारें थे कई उम्मीदवार

समाजवादी पार्टी ने 15 मार्च को ही मेरठ समेत कई सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी। सपा ने सुप्रीम कोर्ट के वकील भानुप्रताप सिंह को मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया था। मूल रूप से बुलंदशहर के रहने वाले भानुप्रताप सिंह गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके के राजेंद्र नगर में रहते हैं। दलित वर्ग से आने वाले भानु प्रताप को उम्मीदवार बनाते ही सपा में घमासान मच गया और टिकट के सभी दावेदारों ने पार्टी हाईकमान के पास डेरा डाल दिया।

भानु प्रताप का यह कहकर विरोध किया गया कि वह एक बाहरी उम्मीदवार हैं, अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी चला रहे हैं और उनका मेरठ में कोई राजनीतिक जुड़ाव नहीं है। मेरठ से टिकट मांगने वालों में शहर विधायक रफीक अंसारी, सरधना विधायक अतुल प्रधान, हस्तिनापुर के पूर्व विधायक योगेश वर्मा, सपा जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी शामिल हैं। टिकट घोषित होने के बाद भानु प्रताप सिर्फ एक बार मेरठ आए। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद उनके नाम से नामांकन फॉर्म भी लिया गया। सोमवार को नगर विधायक रफीक अंसारी ने भी नामांकन फार्म खरीदा था। इसके बाद देर रात सपा ने भानुप्रताप सिंह का टिकट काट दिया और सरधना विधायक अतुल प्रधान को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया।

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संगीत सोम को हराकर अतुल बने थे विधायक

अतुल प्रधान चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति करते थे और सपा छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष भी थे। अतुल प्रधान ने सरधना सीट से लोकप्रिय बीजेपी उम्मीदवार संगीत सोम को हराकर चुनाव जीता था। इससे पहले अतुल प्रधान सरधना से लगातार दो बार चुनाव हार चुके हैं। सपा मुखिया अखिलेश यादव से करीबी के चलते पार्टी ने अतुल की पत्नी सीमा प्रधान को भी निकाय चुनाव में मेयर पद के लिए मैदान में उतारा था। इससे सपा के वरिष्ठ नेता नाराज हो गए और मुस्लिम मतदाताओं ने खुलकर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के उम्मीदवार को वोट दिया। बीजेपी के हरिकांत अहलूवालिया 2 लाख 35 हजार 953 वोटों के साथ मेयर चुने गए। एआईएमआईएम प्रत्याशी अनस एक लाख 28 हजार 547 वोटों के साथ दूसरे और सपा प्रत्याशी सीमा प्रधान एक लाख 15 हजार 964 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।

अतुल प्रधान के प्रत्याशी घोषित होने से वरिष्ठ सपा नेताओं को एक बार फिर झटका लगा है। पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने इसे दलितों के साथ अन्याय बताया है। उन्होंने कहा कि दलित समुदाय से आने वाले भानु प्रताप का टिकट रद्द कर दलित उम्मीदवार को टिकट दिया जाना चाहिए। वहीं शहर विधायक रफीक अंसारी ने कहा है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के फैसले को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

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