अप्रैल से पहले नही बजेंगी शहनाई, गुरू-शुक्र के अस्त होने के कारण नही होंगे मांगलिक कार्यक्रम

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नई दिल्लीः 14 फरवरी को भगवान सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के बाद से ही मांगलिक कार्यो की शुरूआत हो जाती है। लेकिन इस बार 17 जनवरी (बृहस्पतिवार) को मकर राशि में अस्त होने जा रहे हैं। गुरु-शुक्र के अस्त हो जाने के कारण वैवाहिक कार्य नहीं हो सकेंगे। 17 जनवरी से गुरु अस्त होने जा रहे हैं और 13 फरवरी को शुक्र अस्त होंगे।

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वहीं 15 मार्च से 13 अप्रैल तक खरमास रहेगा क्योंकि इन दिनों सूर्य बृहस्पति की राशि धनु और मीन में रहते हैं। इसलिए विवाह के शुभ मुहूर्त अब 18 अप्रैल से ही शुरू होंगे। विवाह का पहला मुहूर्त 24 अप्रैल को रहेगा। हिंदू धर्म मान्यताओं के मुताबिक गुरू और शुक्र ग्रह को तारा माना गया है। इसलिए उनके उदय या अस्त होने के साथ मांगलिक कार्यों को जोड़कर देखा जाता है।

शुक्र स्त्री और गुरु पुरुष के लिए शुभ ग्रह है। जब स्त्री का शुभ ग्रह अस्त हो जाता है तो विवाह के लिए गुरु के उदित होने से विवाह के संयोग नहीं बनते। शुक्र ग्रह को भाग्य का कारक माना गया है। शुक्र के अस्त होने से विवाह संस्कार और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। लेकिन घर बनवाने, गृह प्रवेश करने के लिए इन सब पर विचार नही किया जाता है। इसलिए ऐसे में यह सभी कार्य किये जा सकते हैं।