यूपी में सड़क सुरक्षा माह 21 जनवरी से, मुख्यमंत्री योगी करेंगे शुभारम्भ

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क सुरक्षा व सड़क दुर्घटनाओं एवं इनमें होने वाली जनहानि को रोकने के लिए अन्तर्विभागीय समन्वय के साथ एक माह का अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए हैं। 

यह अभियान पूरे प्रदेश के सभी जनपदों में एक साथ चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री इस अभियान का शुभारम्भ 21 जनवरी को करेंगे। सड़क सुरक्षा माह 21 जनवरी से प्रारम्भ होकर 20 फरवरी तक संचालित किया जाएगा। परिवहन विभाग एवं गृह विभाग संयुक्त रूप से इसके नोडल विभाग होंगे।

मुख्यमंत्री मंगलवार को यहां अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में सड़क सुरक्षा माह की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में व्यापक जन-जागरूकता के कार्यक्रम संचालित किए जाएं। अभियान के दौरान प्रत्येक दिन व सप्ताह कार्ययोजना बनाकर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 
 

उन्होंने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी अन्तर्विभागीय समन्वय के आधार पर अपने-अपने जनपदों में सड़क सुरक्षा के कार्यक्रम संचालित करें। सड़क सुरक्षा अभियान के शुभारम्भ सम्बन्धी कार्यक्रमों से जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए तकनीक का प्रयोग, रोड इंजीनियरिंग, इमरजेंसी सेवा, प्रवर्तन कार्यों पर विशेष फोकस करते हुए प्रचार-प्रसार के भी कार्य किए जाएं। सड़क सुरक्षा के नियमों का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए। अन्तर्विभागीय समन्वय के आधार पर सड़क सुरक्षा के प्रत्येक पहलू को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना लागू की जाए। 

उन्होंने कहा कि सभी सम्बन्धित विभागों को सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने सड़क निर्माण से जुड़ी सभी एजेंसियों, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई आदि को दुर्घटना रोकने के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सड़क निर्माण एजेंसियों द्वारा समस्त जनपदों में ब्लैक स्पाॅट तथा क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों का स्थलीय निरीक्षण, सुधारीकरण करते हुए स्थलीय सत्यापन किया जाए। अवैध कट बंद कराने की कार्यवाही सहित शहरी क्षेत्रों में मार्गों पर रोड मार्किंग एवं साइन बोर्ड लगाए जाने सम्बन्धी कार्य किए जाएं। उन्होंने माल वाहनों, यात्री वाहनों तथा ट्रॅक्टर ट्राॅलियों में रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप लगाने सम्बन्धी अभियान चलाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने ओवर स्पीडिंग, राॅन्ग साइड और ड्रण्केन ड्राइविंग को रोके जाने, ब्लाइण्ड और ब्लैक स्पाॅट्स को चिह्नित कर कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्ति को निकटतम ट्राॅमा सेण्टर अथवा अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित हो। ट्राॅमा सेण्टर में आवश्यक मानव संसाधन व उपकरण सुनिश्चित किए जाएं। 

उन्होंने 108 एम्बुलेंस सेवा के रिस्पाॅन्स टाइम को कम किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क के किनारे खड़े वाहनों और अवैध ढाबों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। स्पीड ब्रेकर्स मानकों के अनुसार निर्मित किए जाएं। उन्होंने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे तथा यमुना एक्सप्रेस-वे के सम्बन्ध में दुर्घटनाओं को न्यूनतम किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में पुलिस, परिवहन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा शिक्षा विभाग कार्ययोजना बनाकर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न श्रेणियों के वाहनों और चालकों की फिटनेस को सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने एक्सप्रेस-वेज और राज्य मार्गों पर निर्धारित मानकों से अधिक गति से चलने वाले वाहनों की सजग पेट्रोलिंग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोगों में सड़क सुरक्षा का भाव और जागरूकता उत्पन्न करने के लिए अभियान के दौरान प्रचार-प्रसार की आवश्यक कार्यवाही की जाए। ट्रैफिक के सामान्य नियमों की जानकारी और अनुपालन से बड़ी संख्या में दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। इसलिए सड़क सुरक्षा और यातायात के नियमों के सम्बन्ध में आम नागरिक को जागरूक किया जाना आवश्यक है। 

इस सम्बन्ध में उन्होंने पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ-साथ अन्य संचार माध्यमों द्वारा जागरूकता उत्पन्न किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा व जागरूकता सम्बन्धी कार्यक्रमों से एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस, स्काउट्स एण्ड गाइड्स, स्वयंसेवी संगठनों आदि को जोड़ा जाए। सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में अच्छे व प्रभावी स्लोगंस तैयार कर लोगों तक प्रेषित किए जाएं। इस अवसर पर प्रमुख सचिव परिवहन राजेश कुमार सिंह ने सड़क सुरक्षा माह की तैयारियों व कार्यक्रमों के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी।