राजस्थान: भारत का 52वां टाइगर रिजर्व बना रामगढ़ विषधारी, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली: राजस्थान के रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभ्यारण्य (Sanctuary) को देश का 52वां टाईगर रिजर्व बनाया गया है। केंद्र सरकार ने इस संबंध में सोमवार को अधिसूचना जारी कर दी है। इस संबंध में केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने ट्वीट करके खुशी जताते हुए कहा कि इस नए टाइगर रिजर्व की विविधता इसे अनुसंधान और शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनाती है। यह अभ्यारण्य (Sanctuary) भीमलाट, रामगढ़ महल जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल पर्यावरण पर्यटन को प्रोत्साहित करेंगे और स्थानीय समुदायों को रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे।

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उन्होंने बताया कि नए अधिसूचित टाइगर रिजर्व में पूर्वोत्तर में रणथंभौर टाइगर रिजर्व और दक्षिणी तरफ मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के बीच बाघ आवास शामिल है। इससे रणथंभौर टाइगर रिजर्व से बाघों के फैलाव की सुविधा प्रदान करता है।

उल्लेखनीय है कि रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभ्यारण्य (Sanctuary) रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के लिए एक बफर की तरह काम करता है, जो भारत के सबसे प्रसिद्ध वन्यजीव अभ्यारण्यों में से एक है। यह लगभग 252 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करता है। राजस्थान सरकार ने इसे 20 मई, 1982 को राजस्थान वन्य प्राणी और पक्षी संरक्षण अधिनियम, 1951 की धारा 5 के अंतर्गत अभ्यारण्य घोषित किया था। रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभ्यारण्य में वनस्पति और विभिन्न जीवों, जैसे- भारतीय भेड़िया, तेंदुआ, धारीदार लकड़बग्घा, सुस्त भालू, गोल्डन जैकल, चिंकारा, नीलगाय और लोमड़ी जैसे विभिन्न प्रकार के जंगली जानवरों को देखा जा सकता है।

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