वोटर ID Card से आधार नंबर जोड़ने में पूरे देश में राजस्थान अव्वल

जयपुरः राजस्थान में मतदाता पहचान पत्र से आधार संख्या जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एक अगस्त से प्रारंभ हुए इस अभियान में अब तक 55 लाख से अधिक मतदाता पहचान पत्रों को आधार संख्या से जोड़ा जा चुका है। मतदाता पहचान पत्र को आधार संख्या से जोड़ने के अभियान में राजस्थान पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि एक अगस्त से प्रारंभ हुए इस अभियान में पूरे देश में अब तक 2 करोड़ 52 लाख मतदाता पहचान पत्र आधार कार्ड से लिंक किए गए। जिसमें से राज्य में 55 लाख 86 हजार 710 मतदाताओं ने अपने आधार कार्ड को मतदाता पहचान पत्र से जोड़ लिया है।

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प्रवीण गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में इसके लिए ‘सीईओ से बीएलओ’ तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के प्रति प्रदेशवासियों में खासा उत्साह है और 9 अगस्त को एक ही दिन में 12 लाख 24 हजार 991 आवेदन प्राप्त हुए। उन्होंने बताया कि फॉर्म 6 बी के माध्यम से आधार संख्या को मतदाता पहचान पत्र से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने बताया कि आधार संख्या जोड़ना पूर्णतया स्वैच्छिक है। लेकिन मतदाता के नाम में दोहराव और अन्य गड़बड़ियां रोकने के लिए आधार संख्या को वोटर आईडी से लिंक किया जा रहा है।

आपको बता दें कि एक अगस्त से भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर शुरू हुए इस अभियान के तहत अपनी पहचान स्थापित करने के लिए अब प्रत्येक मतदाता अपने मतदाता पहचान पत्र के साथ आधार नंबर जोड़ सकते हैं। इसके लिए एक नवीन फॉर्म 6 बी भरा जा सकता है। आधार नंबर जोड़ने का कार्य नेशनल वोटर सर्विस पोर्टल (एनवीएसपी), वोटर हेल्पलाइन एप, गरुड़ एप या क्षेत्र के बीएलओ के माध्यम से भी किया जा सकता है।

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