सियासी संकट के बीच भारत जोड़ो यात्रा की बैठक में गहलोत-पायलट के बीच दिखी तल्खी, नहीं हुई बातचीत

गहलोत

जयपुरः राजस्थान में 5 दिसम्बर को प्रवेश करने वाली भारत जोड़ो यात्रा के लिए जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। इस सम्बंध में गठित समिति की बैठक में बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी भाग लिया। भारत जोड़ो यात्रा के 33 नेताओं की समन्वय समिति की पहली बैठक कांग्रेस वार रूम में बुलाई गई थी।

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दरअसल गहलोत गुट के विधायकों द्वारा 25 सितम्बर को कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बहिष्कार के कारण हुए राजनीतिक हंगामे के बाद गहलोत और पायलट पहली बार एक साथ दिखे। घटना के करीब दो महीने बाद दोनों एक ही जगह पर थे। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच तल्खी साफ नजर आई। गहलोत और पायलट ने आपस में कोई बातचीत नहीं की।

कांग्रेस की बैठक में गहलोत और पायलट की कुर्सी के बीच दूरी थी। पायलट जहां हरीश चौधरी के बगल में बैठे थे। वहीं, अशोक गहलोत के एक ओर जितेंद्र सिंह और दूसरी ओर प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा बैठे थे। करीब 12 बजे शुरू हुई मीटिंग में अशोक गहलोत देरी से पहुंचे। जबकि सचिन पायलट बैठक खत्म होने से करीब आधा घंटे पहले ही वहां से निकल गए।

बता दें कि ‘घटना के करीब दो महीने बाद गहलोत-पायलट दोनों एक ही जगह पर थे। राजस्थान में राहुल गांधी के दौरे की तैयारियों के लिहाज से यह बैठक काफी अहम मानी जा रही थी।’ पद से इस्तीफा देने वाली राज्य प्रभारी अजय माकन, जो समन्वय समिति के सदस्य भी हैं, बैठक में शामिल नहीं हुए। हालांकि माकन का इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ है। कांग्रेस वॉर रूम में हुई बैठक में समिति के 33 सदस्य शामिल थे। हालांकि, सभी की नजरें अशोक गहलोत और सचिन पायलट पर ही टिकी रहीं।

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