नेता प्रतिपक्ष बने Rahul Gandhi को मिलेंगे कई अधिकार, जानें कितना ताकतवर होता ये पद?

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नई दिल्लीः कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) लोकसभा में बड़ी और अहम भूमिका में नजर आएंगे। वह 18वीं लोकसभा में विपक्ष के नेता होंगे। कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार रात यह जानकारी दी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर मंगलवार को इंडिया ब्लॉक की बैठक हुई।

इस बैठक में राहुल गांधी को विपक्ष का नेता बनाने का फैसला लिया गया है। इस बारे में आधिकारिक जानकारी देते हुए कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के संबंध में प्रोटेम स्पीकर को सूचना भेज दी गई है। साथ ही बैठक में लिए गए इस फैसले की जानकारी प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब को पत्र लिखकर दी गई है।

लोकसभा में कांग्रेस सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी

गौरतलब है कि कांग्रेस लोकसभा में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में 99 सीट जीती हैं। इसी के चलते लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद कांग्रेस को जाना तय है। कांग्रेस के अधिकांश वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने की मांग कर रहे थे। यह मांग सार्वजनिक तौर पर भी कई बार सामने आई।  कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल के मुताबिक फिलहाल नेता प्रतिपक्ष पर निर्णय लिया गया है, बाकी के पदों पर निर्णय बाद में लिया जाएगा।

कितना ताकतवर होता है नेता प्रतिपक्ष का पद

बता दें कि भारतीय लोकतंत्र में कई ऐसे पद हैं जिन्हें बहुत शक्तिशाली माना जाता है। इसमें नेता प्र‍तिपक्ष का पद भी शामिल है। नेता प्रतिपक्ष का पद काफी अहम और कैबिनेट मंत्री के स्तर का होता है। संवैधानिक पदों और संसदीय समितियों में नियुक्तियों में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका होती है। नेता प्रतिपक्ष कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलता है और उसी के हिसाब से वेतन और सुविधाएं दी जाएंगी।

नेता प्रतिपक्ष को 3.30 लाख रुपए प्रति माह वेतन मिलता है। इसके साथ ही उन्हें कैबिनेट मंत्री के आवास के स्तर का बंगला मिलता है। साथ ही ड्राइवर के साथ कार की सुविधा भी दी जाती है। इसके साथ ही जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए 14 लोगों का स्टाफ भी होता है।

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राहुल गांधी के पास अब होंगी ये शक्तियां

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के नेता प्रतिपक्ष बनने पर बाद अब राहुल गांधी उस समिति का हिस्सा बनेंगे जो सीबीआई निदेशक,मुख्य सूचना आयुक्त, ‘लोकपाल’ या लोकायुक्त, केंद्रीय सतर्कता आयुक्त, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों, भारत के चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करती है। इन सभी नियुक्तियों में विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी उसी टेबल पर बैठेंगे जहां प्रधानमंत्री मोदी बैठेंगे और यह पहली बार होगा जब पीएम मोदी को इन फैसलों में विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी से सहमति लेनी पड़ेगी।

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