President Murmu: राष्ट्रपति मुर्मू ने अभिभाषण में किया NEET पेपर लीक का जिक्र, विपक्षी दलों से की ये खास अपील

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President Murmu, नई दिल्ली: 18वीं लोकसभा को पहली बार संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोगों को केंद्र की मोदी सरकार की उपलब्धियों से अवगत कराया। इसके अलावा उन्होंने निकट भविष्य में सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों के बारे में भी संकेत दिए। इस दौरान राष्ट्रपति ने आपातकाल का मुद्दा भी उठाया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आपातकाल को लेकर कहा कि यह लोकतंत्र के लिए एक काला दिन था, जिसे भारत का कोई भी व्यक्ति भूल नहीं सकता। राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में नीट पेपर लीक का भी जिक्र किया।

विपक्षी दलों से की ये खास अपील

अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति (President Murmu) ने नीट परीक्षा घोटाले पर कहा कि आने वाले दिनों में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और निकट भविष्य में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी परीक्षा में कोई धांधली न हो। उन्होंने कहा, “परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के मामलों की उच्च स्तर पर जांच की जा रही है। सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं में शुचिता और पारदर्शिता जरूरी है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” इसके अलावा उन्होंने नीट परीक्षा में धांधली को लेकर विपक्षी दलों द्वारा की जा रही राजनीति पर भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, “सभी को दलीय राजनीति से ऊपर उठने की जरूरत है।”

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बता दें कि हाल ही में नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, जिसके बाद लाखों छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। विपक्षी दलों ने इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार के संरक्षण में लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है, जबकि सत्ता पक्ष ने साफ कर दिया है कि मामले की जांच जारी है। पेपर लीक में शामिल आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और इसके अलावा निकट भविष्य में यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी परीक्षा लीक न हो।

सीबीआई को सौंपी गई जांच

हालांकि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। मामले में शामिल कई आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे पूछताछ जारी है। पूछताछ में कई परतें खुल रही हैं। पिछले दिनों जब इस संबंध में एनटीए से सवाल किया गया तो एनटीए कोई भी स्पष्ट बयान देने से बचती नजर आई। इसके बाद एनटीए सीबीआई के महानिदेशक सुबोध कुमार को पद से हटा दिया गया।

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