एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा नोएडा, पीएम मोदी आज करेंगे भूमि पूजन

लखनऊः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश को बड़ी सौगात देंगे। पीएम मोदी आज ग्रेटर नोएडा में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे, जो एशिया का सबड़े बड़ा एयरपोर्ट होगा। इस दौरान उनके साथ नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। करीब दस हजार करोड़ की लागत से बनने वाले इस एयरपोर्ट से विकास को नए पंख लगेंगे।

ये भी पढ़ें..यूपीः सिरफिरे आशिक ने प्रेमिका समेत उसके परिजनों को उतारा मौत के घाट, बस ये थी वजह…

इस दौरान पीएम के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में होने वाले एयरपोर्ट के शिलान्यास का पहला चरण 2023-24 में पूरा होगा। जेवर एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां और सर्विस सेक्टर का बड़ा केंद्र बनेगा। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण के लिए 1,334 हेक्टयर (करीब 3,300 एकड़) भूमि का अधिग्रहण किया गया है। ग्लोबल टेंडर के जरिये एटरपोर्ट निर्माण का कार्य स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी को दिया गया है।

इसके अलावा आसपास की सड़कों हाईवे जैसे यमुना एक्सप्रेसवे, वेस्टर्व फेरिफेरल, ईस्टर्न फेरिफेरल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और दूसरे हाईवें को भी एयरपोर्ट से सीधा कनेक्ट किया जाएगा। एयरपोर्ट को दिल्ली-वाराणसी के बीच प्रस्तावित High Speed Rail से भी जोड़ा जाएगा, जिससे दिल्ली और नोएडा एयरपोर्ट की दूरी 21 मिनट में पूरी की जा सकेगी।

तीन साल के अंदर होगा तैयार

प्रदेश अगले तीन वर्षो के अंदर देश के सबसे प्रमुख विमानन केंद्र के तौर पर स्थापित हो जाएगा। उस समय तक जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत का आधुनिकतम ग्रीनफील्ड (नया बनने वाला) एयरपोर्ट होगा। इसके अलावा राज्य में उस समय तक 16 अन्य एयरपोर्ट परिचालन में होंगे। एक तरह से यह देश में हवाई मार्गो से सबसे ज्यादा कनेक्टेड रहने वाला राज्य होगा।

चार चरणों में होगा निर्माण

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण चार चरणों में किया जाएगा। एयरपोर्ट निर्माण में करीब 30 हजार करोड़ रुपये की खर्च होंगे। प्रथम चरण में एयरपोर्ट 2023-24 में शुरू किया जाएगा। इसकी क्षमता प्रतिवर्ष 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की वार्षिक की होगी। दूसरे चरण में 2031 तक एयरपोर्ट की यात्री क्षमता 3 करोड़ की जाएगी। 2036 में इसकी क्षमता पांच करोड़ और 2040 में 7 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता का हो जाएगा।

प्रवक्ता ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, एपैरल पार्क शामिल है। उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का अलीगढ़ नोड भी इस क्षेत्र के निकट है। दादरी में मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब तथा बोडाकी में मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यह क्षेत्र औद्योगिक और सर्विस सेक्टर की गतिविधियों का सबसे बड़ा केन्द्र बनेगा।

2022 में इन शहरो में भी बनेगा एयरपोर्ट

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अभी लखनऊ, आगरा, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, हिंडन, बरेली, कुशीनगर व वाराणसी में एयरपोर्ट हैं। अगले वर्ष 2022 में अलीगढ़, चित्रकूट, आजमगढ़, मुरादाबाद और श्रावस्ती में हवाई अड्डे तैयार हो जाएंगे। इसके बाद वर्ष 2023 में मुरपुर (सोनभद्र) और अयोध्या में एयरपोर्ट तैयार होने की संभावना है। जबकि वर्ष 2024 में जेवर एयरपोर्ट ऑपरेशनल हो जाएगा।

(अन्य खबरों के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर  पर फॉलो करें व हमारे यूट्यूब चैनल को भी सब्सक्राइब करें…)