इमरजेंसी को PM Modi ने बताया लोकतंत्र पर ‘काला धब्बा’…जानें अपने संबोधन में क्या कुछ कहा

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Parliament Session 2024, नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 18वीं लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत से पहले सोमवार को कहा कि उनकी सरकार तीसरे कार्यकाल में सबको साथ लेकर तीन गुना ज्यादा काम करना चाहती है। उन्होंने 50 साल पहले देश में लगाए गए आपातकाल को याद किया और इसे लोकतंत्र पर ‘काला धब्बा’ बताया।

संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘सरकार चलाने के लिए बहुमत की जरूरत होती है, लेकिन देश चलाने के लिए आम सहमति बहुत जरूरी है। इसलिए हमारा निरंतर प्रयास रहेगा कि सबकी सहमति से, सबको साथ लेकर मां भारती की सेवा की जाए और 140 करोड़ देशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा किया जाए।’

इमरजेंसी का जिक्र कर विपक्ष पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री (PM Modi) ने इंदिरा गांधी सरकार द्वारा लगाई गई इमरजेंसी का जिक्र करते हुए कहा, “कल 25 जून है। जो लोग इस देश के संविधान की मर्यादा के लिए समर्पित हैं, जो लोग भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं में आस्था रखते हैं, उनके लिए 25 जून अविस्मरणीय दिन है। कल भारत के लोकतंत्र पर लगे उस काले धब्बे के 50 साल हो रहे हैं। भारत की नई पीढ़ी कभी नहीं भूलेगी कि भारत के संविधान को पूरी तरह से नकार दिया गया था।

संविधान की धज्जियां उड़ा दी गईं। देश को जेलखाना बना दिया गया था। लोकतंत्र को पूरी तरह से दबा दिया गया था। इमरजेंसी के ये 50 साल इस संकल्प के हैं कि हम गर्व के साथ अपने संविधान की रक्षा करेंगे, भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करेंगे और ये संकल्प लेंगे कि भारत में जो 50 साल पहले हुआ, वो करने की हिम्मत कभी कोई नहीं कर पाएगा।”

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60 साल बाद जनता ने किसी सरकार को दूसरा मौक दिया

उन्होंने कहा कि देश की जनता ने 60 साल बाद तीसरी बार किसी सरकार को मौका दिया है। यह सरकार की नीयत और नीतियों पर जनता की मुहर है, जनता के प्रति सरकार का समर्पण है। उन्होंने कहा, “हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। इसलिए मैं देशवासियों को भरोसा दिलाता हूं कि अपने तीसरे कार्यकाल में हम पहले से तीन गुना ज्यादा मेहनत करेंगे और तीन गुना नतीजे भी लाएंगे।”

उन्होंने नए सांसदों का स्वागत करते हुए उनसे जनहित के लिए “हर संभव कदम उठाने” की अपील की। ​​उन्होंने विपक्ष से अपेक्षा जताई कि वे “अब तक मिली निराशा” के बजाय जनता की उम्मीदों पर खरा उतरें। उन्होंने कहा कि लोग “नारे नहीं, सार्थकता चाहते हैं।” पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी लोग मिलकर काम करेंगे।

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