कोर्ट ने पूछा- इतिहास की पुस्तक में मुगल शासकों का महिमा मंडन क्यों

जयपुरः स्थानीय कोर्ट ने केन्द्रीय शिक्षा सचिव और एनसीईआरटी के निदेशक को एक नोटिस जारी कर पूछा है कि सीबीएसई की ओर से प्रकाशित बारहवीं कक्षा की इतिहास की पुस्तक थीम्स इन इंडियन हिस्ट्री पार्ट-2 में मुगलों का आधारहीन महिमा मंडन क्यों किया गया है। बुधवार को कोर्ट ने यह आदेश पीसी भंडारी के दावे पर दिए।

स्थानीय कोर्ट में दायर एक वाद में कहा गया कि संदर्भित पुस्तक के पेज 234 पर लिखा है कि युद्ध के दौरान ढहाए गए मंदिरों की मरम्मत के लिए शाहजहां और औरंगजेब ने ग्रांट जारी की थी। जब सूचना के अधिकार के तहत सूचना मांगी गई तो हेड ऑफ डिपार्टमेंट पब्लिक इन्फोर्मेशन ने जवाब दिया कि उनके पास इस तथ्य को छापने का कोई आधार नहीं है।

इस पर प्रार्थी ने गत 19 जनवरी को संयुक्त सचिव शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली और एनसीईआरटी के निदेशक को नोटिस भेजकर इन आधारहीन तथ्यों को हटाने की मांग की, लेकिन नोटिस के दो माह बाद भी मुगल शासकों के महिमा मंडन करने वाले इन तथ्यों को नहीं हटाया गया। वाद में गुहार की गई है कि शिक्षा मंत्रालय और एनसीईआरटी को निर्देशित किया जाए कि मुगलों को महिमा मंडित करने वाले तथ्य हटाए जाएं और भविष्य में इस तरह के तथ्य प्रकाशित न करें। जिस पर आज कोर्ट ने सुनवाई करते हुए  संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।