आरटीपीसीआर टेस्ट में भी संक्रमण का पता न चलने से बढ़ रही स्वास्थ्य विभाग की चिंता

जयपुरः कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के सामने एक अन्य नई चुनौती खड़ी हो गई है। चिकित्सकों की मानें तो अब आरटीपीसीआर टेस्ट में भी कोरोना की सही रिपोर्ट नहीं आ पा रही है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। सरकारी मशीनरी इसे लेकर चिंतित भी है। दावा यह भी किया जा रहा है कि शायद वायरस के म्यूटेंट में बदलाव हुआ है, जिसके चलते संक्रमण की दर लगातार बढ़ती जा रही है। हाल ही में कुछ ऐसे मामले भी आए हैं, जिसमें आरटीपीसीआर टेस्ट में मरीज निगेटिव आ रहा है लेकिन एचआरसीटी में मरीज पॉजिटिव दिखाई दे रहा है। जयपुर के कोविड-19 डेडीकेटेड आरयूएचएस अस्पताल में इस तरह के कुछ मामले सामने आने से चिकित्सकों की चिंता बढ़ गई है।

चिकित्सकों का कहना है कि शायद वायरस ने अपना म्यूटेंट बदल लिया है और अब ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिनमें आरटी पीसीआर टेस्ट संक्रमण को पकड़ ही नहीं पा रहा है। आरयूएचएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अजीत सिंह का कहना है कि अस्पताल में कुछ ऐसे मरीज कोविड-19 संक्रमण से ग्रसित होकर आए हैं, जो बाइ लेटरल निमोनिया से पीडित हैं और सीटी स्कैन करवाने पर उनका स्कोर करीब 20 या 22 आ रहा है।

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इसके बावजूद आरटीपीसीआर टेस्ट में यह मरीज निगेटिव बताए जा रहे हैं जो चिंता का विषय है। क्योंकि कोविड-19 संक्रमण का पता लगाने के लिए राज्य में फिलहाल आरटी पीसीआर टेस्ट ही कारगर है। यदि वायरस ने अपना म्यूटेंट बदला है और आरटीपीसीआर टेस्ट भी उसे पकड़ नहीं पा रहा है तो यह घातक है। ऐसे कुछ मरीजों के सैंपल अब जांच के लिए दिल्ली और पुणे भी भेजे गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं वायरस की संरचना में बदलाव तो नहीं हुआ है।