इंदौर डीएवीवी पेपर लीक: अब तक पुुलिस ने तीन को पकड़ा, कॉलेज की मान्यता रद्द करने की मांग

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भोपाल: इंदौर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) एमबीए पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, कॉलेज की मान्यता रद्द करने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है। छोटी ग्वालटोली थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि इस मामले में जांच की जा रही है।

कंप्यूटर ऑपरेटर ने किया था पेपर लीक 

वहीं आइडियल कॉलेज के प्रिंसिपल से भी पूछताछ की जाएगी। बता दें कि आइडियल कॉलेज के कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक सोलंकी ने ही पेपर लीक किया था। दरअसल, यह मामला पिछले महीने का है, जब आइडियल कॉलेज के कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक सोलंकी ने छात्रों को 2000 रुपये में एमबीए का पेपर बेचा था। पेपर कांग्रेस से बीजेपी में आए अक्षय बाम के कॉलेज से लीक हुआ था।

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एमबीए फर्स्ट सेमेस्टर का क्वांटिटेटिव टेक्निक्स का प्रश्नपत्र 25 मई को और अकाउंट्स का प्रश्नपत्र 28 मई को लीक हुआ था। फिल्म थ्री इडियट्स की तरह दीपक ने कॉलेज प्राचार्य के कमरे में पेपर के बंडल की सील लोहे के स्केल से तोड़कर पेपर निकाल लिया और मोबाइल से फोटो खींचकर कॉलेज के ही एक छात्र को बेच दिया। फिर छात्र ने उसे अपने दोस्त को व्हाट्सएप पर भेज दिया।

मामले में तीन गिरफ्तार

मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने इडिलिक कॉलेज के संचालक दीपक पुत्र सुरेश सोलंकी निवासी रंगवासा रोड को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पुलिस ने छात्र धीरेंद्र नरवरिया को भी पकड़ लिया। धीरेंद्र कॉलेज में एमबीए प्रथम वर्ष का छात्र है। उससे जानकारी मिली कि पेपर छात्र गौरव सिंह गौर के जरिए उसके पास आया था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।

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