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नियॉन लाइट से जगमग हुआ कुशीनगर का महापारिनिर्वाण द्वार

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कुशीनगर: नियॉन लाइट से जगमग 'वेलकम महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर' लिखा बुद्धस्थली का महापरिनिर्वाण द्वार इन दिनों लोगों को एक खास तरह की अनुभूति का अहसास करा रहा है। दो दिन पूर्व प्रशासन ने द्वार का रंग रोगन कराकर इसकी भव्यता को और निखार दिया है। कोशिश देश-दुनिया से आने वाले सैलानियों के मन में भारतीय स्वागत भाव 'अतिथि देवो भवः' की परम्परा को जीवंत रखने की है।

यूं तो बुद्ध की 5वीं शदी की विशालकाय शयनमुद्रा वाली प्रतिमा के दर्शन के पूर्व बौद्ध स्थापत्य कला की भव्यता समेटे यहां का महापरिनिर्वाण द्वार सैलानियों का स्वागत करता रहा है। बौद्ध वास्तु कला में निर्मित इस स्वागत द्वार कई बर्षों से उपेक्षित था। नियमित रखरखाव न होने से इसकी भव्यता प्रभावित हो रही थी। इस ओर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम पूर्ण बोहरा का ध्यान गया तो उन्होंने टेम्पल एरिया मैनेजमेंट कमेटी के बैठक में इसका प्रस्ताव रखा। सहमति के बाद कार्य शुरू हुआ तो एक माह बाद महापरिनिर्वाण द्वार की भव्यता निखर कर सामने आई। नियॉन लाइट के अलावा द्वार के आस पास शोभाकार पौधे भी लगाए गए हैं।

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रात्रि में जलते विक्टोरियन लाइट द्वार को सुंदरता में चार चांद लगा रहे। अब यह द्वार हर किसी को आकर्षित कर रहा है। गेट पर सुबह शाम सेल्फी लेने वाले काफी संख्या में दिख रहे हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कसया पूर्ण बोहरा का कहना है कि महापरिनिर्वाण द्वार का वर्तमान स्वरूप सभी की मिली जुली कोशिश का नतीजा है। शासकीय बजट के अलावा सामुदायिक प्रयासों से भी कुशीनगर में पर्यटन को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।