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मेट्रो के बाद कानपुर को मिली एक और सौगात, अब जल्द ही शहर में चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें

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कानपुरः औद्योगिक नगरी को मेट्रो के बाद एक और सौगात मिल गयी है। शनिवार को प्रदूषणरहित इलेक्ट्रिक सिटी बसों की खेप जनपद पहुंची। मंडलायुक्त ने शहर पहली खेप में आई 13 इलेक्ट्रिक बसों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द बसों को ट्रायल पूरा करते हुए इन्हें दिसम्बर माह में आमजन के संचालन में लगाया जाए। जनपद को प्रदूषण मुक्त बनाने की कड़ी में शासन द्वारा शहरियों के लिए एक जगह से दूसरी जगह आने-जाने के लिए इलेक्ट्रिक बसों को संचालन कराया जा रहा है।

इसी कड़ी में पहली खेप के तहत 13 इलेक्ट्रिक सिटी बसों का बेड़ा चकेरी के अहिरवां स्थित डिपो पहुंची। डिपो में सिटी में चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को लेकर मंडलायुक्त डॉ राजशेखर ने निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक बसों के आने से यातायात की भीड़ को कम करने और प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद मिलेगी। दिसम्बर के पहले सप्ताह में परिचालन शुरू करने की योजना है। बसों के संचालन को लेकर मंडलायुक्त ने परियोजना (पीएमआई) के प्रभारी अधिकारी से जानकारी ली। परियोजना प्रभारी अधिकारी ने बताया कि कानपुर शहर को कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं। जिनमें से 13 बसों की पहली खेप कल कानपुर पहुंच चुकी हैं। अन्य 47 बसें 15 दिसम्बर तक आएंगी और बाकी 40 बसें जनवरी 2022 में आएंगी।

शहर में तैयार होंगे 25 चार्जिंग स्टेशन
शहर में बसों की चार्जिंग के लिए कुल 25 स्टेशन, प्वाइंट तैयार किए जाने की योजना है। 27 नवम्बर तक तक 5 स्टेशन पूरी तरह से तैयार कर लिए जाएंगे। चार्जिंग स्टेशन तैयार होने पर 28 नवम्बर से शहर आई 13 बसों को चार्ज किया जा सकेगा। बाकी 20 चार्जिंग प्वाइंट को अगले माह 15 दिसम्बर तक पूरा कर लिया जाएगा और उसके एक हफ्ते बाद सामान्य संचालन के लिए उनका परीक्षण किया जाएगा।

कार्य की धीमी गति पर मंडलायुक्त ने जताई नाराजगी
पीएमआई की कार्यों की धीमी गति पर मंडलायुक्त द्वारा नाराजगी व्यक्त किया गया और वर्तमान में निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण करने के लिए चेतावनी भी दी। मंडलायुक्त ने नगर आयुक्त और टीम को बस संचालन के समग्र नियंत्रण के लिए सीसीटीवी कवरेज, पैनिक बटन, अलार्म, वायरलेस सेट, आपातकालीन स्टॉपेज फीचर और टच पैनल जैसे सुरक्षा उपायों जैसी बसों की विशेषता दिखाई गई।

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बसों की अंतिम जांच के लिए विशेषज्ञ समिति का करें गठन
मंडलायुक्त ने बताया कि इन सभी सुविधाओं की टेस्टिंग की जा रही है और इन सभी को अगले एक सप्ताह में टेस्टिंग और प्रमाणित किया जाएगा। बसों की अंतिम जांच और प्रमाण के लिए सिटी बस अधिकारी, स्मार्ट सिटी अधिकारी, पीएमआई प्रतिनिधि और आईआईटी या एचबीटीयू के एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का आदेश दिया।

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