कनिष्क विमान ब्लास्ट: 23 जून वो तारीख…जब खालिस्तानियों ने विमान को बनाया था निशाना, 329 लोगों की हुई थी मौत

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Kanishka Plane Blast: नई दिल्ली: आज 39 साल पहले 23 जून 1985 को आतंकवादियों ने एयर इंडिया ‘कनिष्क’ विमान को निशाना बनाया था, जिसमें 300 से अधिक लोग मारे गए थे। इस दुर्घटना में विमान में सवार सभी 329 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 307 यात्री और 22 चालक दल के सदस्य शामिल थे।

इनमें 268 कनाडाई नागरिक, 27 ब्रिटिश नागरिक और 24 भारतीय नागरिक शामिल थे। कनिष्क विमान दुर्घटना 23 जून 1985 को हुई थी। एयर इंडिया का बोइंग 747 विमान ‘कनिष्क’ मॉन्ट्रियल से नई दिल्ली जा रहा था, तभी यह आयरलैंड के तट से दूर अटलांटिक महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे को ‘कनिष्क विमान दुर्घटना’ के नाम से जाना जाता है।

Kanishka Plane Blast: नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

वहीं कनिष्क विमान दुर्घटना की बरसी पर केंद्रीय मंत्री एस. जयशंकर और हरदीप सिंह पुरी समेत तमाम नेताओं ने हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट किया, “आज इतिहास में आतंकवाद के सबसे बुरे कृत्यों में से एक की 39वीं वर्षगांठ है। मैं 1985 में आज ही के दिन AI-182 ‘कनिष्क’ दुर्घटना में मारे गए 329 लोगों को श्रद्धांजलि देता हूं। मेरी संवेदनाएं उनके परिवारों के साथ हैं। यह घटना हमें याद दिलाती है कि आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।”

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी विमान दुर्घटना में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। हरदीप सिंह पुरी ने ट्विटर पर लिखा, “एयर इंडिया ‘कनिष्क’ फ्लाइट-182 के 329 पीड़ितों को मेरी श्रद्धांजलि। 23 जून 1985 को हुआ यह क्रूर बम विस्फोट भारत के खिलाफ अब तक की सबसे निंदनीय आतंकवादी घटनाओं में से एक है।” उन्होंने ऐसे हमलों के पीछे की विचारधारा की निंदा की और कहा कि चरमपंथ से प्रेरित ऐसे कृत्यों का एक समझदार और सभ्य दुनिया में कोई स्थान नहीं है।

कैसे हुआ था कनिष्क विमान हादसा

बता दें कि कनाडा के मॉन्ट्रियल से नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट-182 में 23 जून 1985 को लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर उतरने से 45 मिनट पहले विस्फोट हो गया था। इस दुर्घटना (Kanishka Plane Blast) में चालक दल सहित विमान में सवार सभी 329 लोग मारे गए थे। मृतकों में से अधिकांश भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक थे। यह इतिहास में सबसे घातक आतंकवादी हमला था। इस बम विस्फोट के लिए खालिस्तान समर्थक आतंकवादियों को दोषी ठहराया गया था।

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ऑपरेशन ब्लू स्टार का बदला लेने के लिए किया गया था हमला

ऐसा माना जाता है कि खालिस्तानी आतंकियों ने ऑपरेशन ब्लू स्टार का बदला लेने के लिए विमान पर हमला किया था। दरअसल भारतीय सेना ने 1984 में पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के अंदर छिपे आतंकवादियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ शुरू किया था। इस हमले के 39 साल पूरे हो गए लेकिन अभी तक कनाडा की पुलिस इस घटना की जांच नहीं कर पाई है। कनाडा की पुलिस ने कहा है कि एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या-182 में हुए बम धमाके की जांच अभी भी जारी है। यह आतंकी हमलों की सबसे लंबी और जटिल जांचों में से एक है।

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