हिन्दी दिवस पर विशेषः हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दोस्तां हमारा… जानें क्यों खास है 14 सितंबर

हिन्दी

नई दिल्लीः देश में 14 सितंबर को हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है। दुनिया भर के हिन्दी भाषी लोगों के लिए आज का दिन बेहद खास है। दुनिया भर में लगभग 7,111 भाषाएं बोली जाती हैं। लेकिन हिन्दी भाषा की अपनी अलग पहचान है। हिन्दी को 14 सितंबर 1949 को राजभाषा का दर्जा दिया गया, लिहाजा इस दिन को हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत की कुल मिलाकर 22 अनुसूचित भाषाएँ हैं, जिनमें से, दो का आधिकारिक तौर पर भारत सरकार के स्तर पर उपयोग किया जाता है। हिन्दी और अंग्रेजी। मूल भाषा के रूप में 250 मिलियन लोगों द्वारा हिन्दी बोली जाती है और यह दुनिया की चौथी भाषा है।

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हिन्दी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, और दिल्ली राज्यों की राजभाषा भी है। राजभाषा बनने के बाद हिन्दी ने विभिन्न राज्यों के कामकाज में लोगों से सम्पर्क स्थापित करने का अभिनव कार्य किया है। लेकिन विश्व भाषा बनने के लिए हिन्दी को अब भी संयुक्त राष्ट्र के कुल सदस्यों के दो तिहाई देशों के समर्थन की आवश्यकता है। 

14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिन्दी दिवस

हिन्दी दिवस 14 सितंबर को मनाया जाता है क्योंकि इस दिन 1949 में, भारत की संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी गई हिन्दी को भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया था। लेकिन यह इतनी आसानी से नहीं आया जितना लगता है। आजादी मिलने के बाद लंबे विचार-विमर्श के बाद आखिरकार 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में हिन्‍दी को राज भाषा बनाने का फैसला लिया गया। भारतीय संविधान के भाग 17 के अध्‍याय की धारा 343 (1) में हिन्‍दी को राजभाषा बनाए जाने के संदर्भ में कुछ इस तरह लिखा गया है, ‘संघ की राजभाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी होगी। संघ के राजकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप अंतर्राष्ट्रीय रूप होगा।’ यह निर्णय भारत के संविधान द्वारा 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के तहत, देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया गया था।

भारतेंदु हरिश्चंद्र ने कहा-

‘निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल,
बिन निज भाषा ज्ञान के, मिटन न हिय के सूल’।

अर्थात्- मातृभाषा की उन्नति बिना किसी भी समाज की तरक्की संभव नहीं है तथा अपनी भाषा के ज्ञान के बिना मन की पीड़ा को दूर करना भी मुश्किल है।

हिन्दी दिवस मनाने के उद्देश्य

दरअसल हिंदी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य वर्ष में एक दिन इस बात से लोगों को रूबरू कराना है कि जब तक वे हिन्दी का उपयोग पूरी तरह से नहीं करेंगे तब तक हिन्दी भाषा का विकास नहीं हो सकता है। इस एक दिन सभी सरकारी कार्यालयों में अंग्रेज़ी के स्थान पर हिन्दी का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा जो वर्ष भर हिन्दी में अच्छे विकास कार्य करता है और अपने कार्य में हिन्दी का अच्छी तरह से उपयोग करता है, उसे पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया जाता है।

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