Bihar: NEET पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपितों की टली सुनवाई, नहीं मिली जमानत

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पटनाः पटना सिविल कोर्ट में शुक्रवार को नीट पेपर लीक (NEET paper leak) मामले में चारों आरोपियों की सुनवाई करते हुए एडीजे-5 ने इस मामले में किसी को भी जमानत नहीं दी। एडीजी राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने पुलिस को अगली सुनवाई में एनएचएआई गेस्ट हाउस की डायरी लाने को कह कर सुनवाई टाल दी। पटना सिविल कोर्ट के अधिवक्ता ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि नीट पेपर लीक मामले में अनुराग यादव, आयुष कुमार, नीतीश पटेल और सिकंदर यादवेंदु की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी।

13 लोगों को किया था गिरफ्तार

सुनवाई करते हुए एडीजी-5 ने इस मामले में किसी को भी जमानत नहीं दी है। ये चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में अगली तारीख 25 जून तय की गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस को एनएचएआई गेस्ट हाउस की डायरी भी लाने को कहा गया है। अगली सुनवाई में डायरी पेश की जाएगी। नीट पेपर लीक मामले में शास्त्री नगर थाने की पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिसमें सॉल्वर गैंग के सदस्यों के साथ अभ्यर्थी भी शामिल थे।

रात भर रटाए गए थे प्रश्न

चारों आरोपियों की जमानत याचिका पर आज पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपियों की जमानत पर कोई फैसला नहीं सुनाया है। साथ ही कोर्ट ने एनएचएआई गेस्ट हाउस की डायरी भी मांगी है। नीट पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड सिकंदर यादवेंदु दानापुर में नगर आवास विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात था। वह समस्तीपुर का रहने वाला है। उसकी मुलाकात अमित आनंद से हुई थी।

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दोनों ने मिलकर इतनी बड़ी परीक्षा का पेपर लीक किया। मामले में गिरफ्तार सभी आरोपी पटना के बेउर जेल में बंद हैं। पुलिस के सामने अपने कबूलनामे में उसने स्वीकार किया है कि 4 मई को उसे पेपर लीक किया गया था और उसने उसी रात अभ्यर्थियों को पेपर रटाया था। गिरफ्तार अभ्यर्थी अनुराग ने भी स्वीकार किया है कि 4 मई को जो पेपर रटाया गया था, वही प्रश्न परीक्षा में पूछे गए थे।

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