शक्ति की भक्ति का पर्व है गुप्त नवरात्रि, इन मंत्रों के जाप से दूर होंगे सभी कष्ट

maa durga

नई दिल्लीः मां भगवती की भक्ति कर शक्ति पाने का गुप्त नवरात्रि गुरुवार से शुरू हो गया। भक्तों ने नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापना कर भगवती के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा अर्चना किया। सर्वार्थ सिद्धि एवं ध्रुव समेत कई शुभ योगों में यह आषाढ़ नवरात्रि शुरू हुई है। गुप्त नवरात्रि के नौ दिन महाविद्याओं की खास साधना की जाती है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करने से सभी मनोकामना पूरी होती है। साल में चार बार नवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है, दो बार गुप्त नवरात्रि और दो सामान्य होती है, जिसमें आषाढ़ एवं माघ मास में आने वाली नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है।

गुप्त नवरात्रि के नौ दिन मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धुमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और कमला देवी की पूजा की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन गुरु पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, आडल योग, विडाल योग और ध्रुव योग बने हैं। शास्त्र के अनुसार इस दौरान किसी नए काम की शुरुआत करना एवं धार्मिक कार्य करना शुभ माना जाता है। इन योग और गुप्त नवरात्रि में सब प्रकार के कार्यों में सफलता प्राप्त होती है और मान-सम्मान में वृद्धि होती है।

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इन मंत्रों का करें जाप
पौराणिक काल से लोगों की आस्था गुप्त नवरात्रि में रही है। गुप्त नवरात्रि शक्ति की उपासना के लिए बेहद खास मानी जाती है। गुप्त नवरात्रि में मां की आराधना करने से जीवन में कोई भी तनाव या परेषानी हमेषा के लिए दूर हो जाती है। इस दौरान मां शक्ति के खास मंत्रों के जाप करने से किसी भी सिद्धि को प्राप्त किया जा सकता है। सिद्धि के लिए ऊं एं हृीं क्लीं चामुंडायै विच्चै, ऊं क्लीं सर्वाबाधा विनिर्मुत्को धन्य धान्य सुतान्यवितं, मनुष्यों मत प्रसार्देन भविष्यति न संचय, क्लीं ऊं, ऊं श्री हृीं हसौः हूं फट नीलसरस्वत्ये स्वाहा आदि विशेष मंत्रों का जाप किया जा सकता है।

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